रविवार दोपहर के 3:30 बजे हैं। गुरु तेग बहादुर कालोनी के 70-80 लोग जितेंद्र सिंह के घर के बाहर खड़े हैं। सबकी नजर उस कमरे पर है, जिसमें एक चोर बंद बताया जा रहा है।
अंदर से बंद दरवाजा खुलेगा और चोर पकड़ा जाएगा, सब यही सोच रहे हैं। पेचकस से कुंडी तोड़ी जा रही है। खबर पुलिस को भी दी गई है। मगर ये क्या? आधा घंटे बाद गेट खुलते ही सब ठहाके मारकर हंसने लगे। क्योंकि अंदर से चोर नहीं, बिल्ली निकली, जो तेजी से भाग गई।
दरअसल, चोर का हल्ला तब मचा जबथोड़ी देर पहले जितेंद्र की बेटी खुशबू (9) ने दरवाजा खोलने की कोशिश की तो पाया वह अंदर से बंद है। इस कमरे के साथ ही रसोई भी है। दोनों के दरवाजे बंद थे। जितेंद्र ने भी खोलने की कोशिश की। उन्होंने आवाज लगाई। खिड़की से झांककर भी देखा। न कोई आहट, न कोई दिखाई दिया।
बस फिर क्या था। उन्होंने समझा अंदर चोर छुपा है। थोड़ी देर में पूरी कालोनी जुट गई। मीडिया और सिकंदरा थाना पुलिस को भी खबर दी गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही राज खुल गया। लोगों ने बताया कि कमरे में बिल्ली पहले से मौजूद रही होगी। अनुमान है किबिल्ली ने निकलने की कोशिश की होगी, तब उसके पंजे कुंडी पर लगे होंगे और बंद हो गई होगी।