आगरा।विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीन तोगड़िया ने बाबा रामदेव पर इशारों में निशाना साधा है। कहा योग से स्वास्थ्य को सिर्फ आंशिक लाभ होगा। ज्यादा स्वस्थ रहने के लिए डायट, व्यायाम, स्ट्रेस मैनेजमेंट, नींद और डी-एडिक्शन पर ध्यान देना होगा। उन्होंने यह जवाब रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के संबंध में पूछे गए सवाल पर दिया। हिंदुत्व पर आवाज बुलंद करने वाले तोगड़िया राममंदिर से जुड़े सवालों का जवाब देने से बचे। कहा कि 1998 में अपनी डॉक्टरी को बक्से में बंद कर त्रिशूल उठा लिया था, अब फिर से मैं डॉक्टर हूं।
डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के जेपी सभागार में इंडिया हेल्थ लाइन के हेल्थ एंबेसडर प्रशिक्षण शिविर के बीच प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि चिकित्सकों और तमाम लोगों की मदद से उन्होंने स्वस्थ भारत, सुखी भारत अभियान छेड़ रखा है। इसके तहत अधिक से अधिक लोगों को इलाज उपलब्ध कराना है। स्वस्थ भारत अभियान में बाबा रामदेव से जुड़ने के सवाल पर कहा कि इस अभियान में जो लोग व्यक्तिगत और संस्था के लिए निकले हैं, अच्छा है। सभी का धन्यवाद। हमने सिर्फ एलोपैथी या योग को नहीं, बल्कि चारों पद्धतियों (होम्योपैथी, एलोपैथी, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा) को एक साथ रखकर इंडिया हेल्थ लाइन तैयार की है। उन्होंने बताया कि इंडिया हेल्थ लाइन के जरिए वर्तमान में दस हजार चिकित्सकों की मदद से देश के 300 शहरों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। भविष्य में ऐसे 50 हजार चिकित्सकों की टीम खड़ी करना है। ताकि देशभर में जरूरतमंदों को निशुल्क इलाज दिया जा सके। तोगड़िया ने कहा कि 29 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवा सरकारी हैं, बाकी निजी चिकित्सा सेवा है। देश के मरीज 14 लाख करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। 20 सालों में यह बढ़कर 280 लाख करोड़ पहुंच जाएगा। अपने अभियान के माध्यम से वह 14 लाख करोड़ के खर्च को कम करके छह लाख करोड़ पर लाना चाहते हैं। ताकि शेष धनराशि बच्चों की शिक्षा और आवास पर खर्च हो सके। समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों में से ही हेल्थ एंबेसडर तैयार किए जा रहे हैं। इन्हें निशुल्क मेडिकल किट दी जा रही है। इससे वह अपने क्षेत्रों में ब्लड प्रेशर, मधुमेह, हिमोग्लोबिन और फेट की निशुल्क जांच करेंगे। जरूर पड़ने पर वह मरीजों को इंडिया हेल्थ लाइन का टोल नंबर 18602333666 पर संपर्क देने की सलाह देंगे। जहां से उक्त मरीज को संबंधित चिकित्सक के पास निशुल्क चेकअप के लिए रेफर किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने राजनीति से जुड़े सवालों को नजरअंदाज किया।