कासगंज। गुरु पूर्णिमा पर्व 10 जुलाई को मनाया जाएगा। बृहस्पतिवार को पर्व होने से ज्योतिष इसे शुभ मान रहे हैं। ज्योतिषी का मानना है कि शिष्यों पर गुरु की विशेष कृपा बरसेगी।ज्योतिषाचार्य भरत राम गौड़ ने कहा कि शास्त्रों में गुरु पूर्णिमा का खास महत्व है। वैदिक पंचांग के अनुसार हर साल गुरु पूर्णिमा का पर्व आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। प्राचीन काल से गुरु पूर्णिमा को गुरु-शिष्य परंपरा का उत्सव मनाया जाता है। साथ ही इस तिथि को आषाढ़ पूर्णिमा, व्यास पूर्णिमा और वेद व्यास जयंती के नाम से भी जाना जाता है। इस साल गुरु पुर्णिमा का पर्व 10 जुलाई को मनाया जाएगा। ऐसी मान्यता है कि इस दिन महात्मा बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया था। इस दिन, भक्त अपने गुरुओं (शिक्षक, आध्यात्मिक गुरु, माता-पिता, आदि) की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं।
साथ ही गुरु को उपहार में फल, वस्त्र और मिष्ठान देते हैं। गुरु पूर्णिमा के दिन घर में सत्य नारायण भगवान की कथा करवाने का विशेष महत्व माना जाता है। बृहस्पति के दिन पर्व होने से इसका महत्व और बढ़ गया है।