गुरु पूर्णिमा पर अकेले तीर्थ नगरी वृंदावन में ही 500 से अधिक गुरुओं की गद्दी सजेगी। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। विभिन्न राज्यों से वृंदावन आने वाले हजारों भक्त अपने-अपने गुरुओं का पूजन-अर्चन करेंगे। नए शिष्य भी इस दिन गुरु दीक्षा लेंगे।
वृंदावन के ज्ञानगुदड़ी, अटल्ला चुंगी, परिक्रमा मार्ग, मोतीझील मार्ग, रमणरेती, वराह घाट, काली दह आदि क्षेत्र में करीब छोटे-बड़े 500 से अधिक आश्रम हैं। 16 जुलाई को मनाए जाने वाले गुरु पूर्णिमा पर्व की तैयारियां इन आश्रमों के साथ-साथ मंदिरों में भी शुरू हो चुकी हैं।
मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज ने बताया कि मनुष्य के जीवन में गुरु का होना जरुरी है, गुरु मनुष्य को संस्कारी बनाता है। पूर्णिमा पर गुरु पूजन को आने वाले भक्त फल, मिठाई, वस्त्र इत्यादि भेंट करेंगे। वहीं पूजन के उपरांत नगर के आश्रमों मे भक्तों के लिए भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
गुरु पूर्णिमा पर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश आदि राज्यों से भारी तादाद में शिष्य अपने-अपने गुरुओं के पूजन को यहां आएंगे। इसके लिए अभी से ही गेस्ट हाउस व होटलों में रुकने के लिए बुकिंग भी होने लगी है।