सोरों(कासगंज)। सिक्ख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव का 551 वां प्रकाशोत्सव पर्व एवं गुरू हरगोविंद साहिब के पवित्र स्थान का 84 वां प्रकाश उत्सव तीर्थनगरी के हरिपदी किनारे स्थित गुरुद्वारे में धूमधाम से मनाया गया। यहां शबद कीर्तन के साथ धार्मिक कार्यक्रम हुए।
तीन दिन से चले आ रहे अखंड पाठ का रविवार को समापन हुआ। इसके बाद साध-संगत से साक्षात्कार और शबद कीर्तन शुरू हुआ। गुरुद्वारे को रंग-बिरंगे झाड़ व लेजर लाइट से भव्यता से सजाया गया। गुरु ग्रंथ साहिब एवं गुरु के पवित्र चिन्हों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में संगत आई। जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल की गूंज सुनाई दे रही थी।
सिक्खों के छठे गुरु हरगोविंद साहिब लगभग 400 वर्ष पूर्व तीर्थनगरी आए थे। उनके हस्तलिखित हुक्मनामे जो गुरुद्वारे रखे हुए हैं उन पवित्र हुक्मनामों के दर्शन किए गए। पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रम गुरुद्वारे में देर रात तक चले। गुरुद्वारे में अटूट लंगर परोसा गया। रात में भव्य रंग बिरंगी आतिशबाजी की गई। और कीर्तन दरबार सजा रहा।
इस दौरान बाबा तक्खा सिंह, नानक सिंह, राकेश सिंह, प्रधान सरदार सेवा सिंह, नेपाल सिंह, इंद्र्रजीत, खालसा सुधार समिति अध्यक्ष बाबू सिंह, गिरवर सिंह, इंद्रजीत सिंह, पुरूषोत्तम सिंह, नेत्रपाल सिंह, बबलू सिंह, हैप्पी सिंह, प्रकाश सिंह, परमजीत सिंह, रूस्तम सिंह, जयसिंह, बीबी राजेश कौर, प्रमिला कौर, सुधा देवी, गीता कौर, शीला कौर, रीठा कौर, नर्मदा कौर, बलवंत कौर, अंजनी कौर, बुशरा राईन, मुकेश मौर्यवंशी सभासद आदि बड़ी संख्या में बदायूं, उझानी, गोविंदनगर, पचलाना, मीरापुर,सादिकपुर, रेतनगढ़ी, कासगंज की सहयोगी संगत शामिल रहीं।
कोरोना के कारण नहीं हुआ शोभायात्रा का आयोजन
पिछले 25 वर्षों से निकाली जा रही शोभायात्रा का इस बार कोरोना महामारी के कारण शोभायात्रा नगर भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया। हर वर्ष ही भव्य शोभायात्रा पवित्र रथ के साथ निकाली जाती रही है। इसमें कीर्तन मंडली ढोलक की थाप पर संकीर्तन करती चलती हैं। खालसा इंटर कॉलेज नानकमता की छात्राएं पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाती हुई निकलती हैं। अखाडे़ एवं गतका पार्टी में शामिल नवयुवक रोमांचकारी करतब दिखाते हैं। लेकिन इस बार जिला प्रशासन के द्वारा शोभायात्रा की अनुमति नहीं मिली।