डेरा अदमखेल जहां स्मार्टफोन से सस्ते दामों पर मिलती हैं बंदूकें
- फोटो : Dawn
जनपद में पांच हजार शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जा सकते हैं। ये ऐसे लाइसेंस हैं जो पुलिस सत्यापन के दौरान नहीं मिले हैं। कारण यह है कि या तो शस्त्र लाइसेंस धारकों का पता बदल चुका है या फिर उन्होंने गलत पता दर्ज कराया था। एसएसपी ने ऐसे लोगों को तीन दिन का समय दिया है। अगर वे स्वयं आकर थाना पर सूचना देंगे तो उनका लाइसेंस बच जाएगा वरना निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
चुनाव आयोग इस बार लाइसेंसी असलाह के जमा कराने पर जोर दे रहा है। तमिलनाडु के चुनाव में 95 फीसदी असलाह जमा करा गए थे। यूपी में भी पुलिस को इतना ही टारगेट दिया गया है। लेकिन इसमें परेशानी आ रही है। बड़ी संख्या में ऐसे लाइसेंस हैं जिनका सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
इनमें बताए गए पते पर पुलिस पहुंची तो वहां कोई और मिला। पूरे जनपद में ऐसे लगभग 5000 लाइसेंस की सूची बनाई जा चुकी है। उधर पुलिस ने अब असलाह जमा कराए जाने पर भी जोर दिया है। इस बार केवल उन लोगों को चुनाव के दौरान असलाह रखने की छूट दी जाएगी जिनकी जान को वास्तव में खतरा हो। इसका फैसला पुलिस और प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर होगा।
जिन लोगों के शस्त्र लाइसेंस का सत्यापन नहीं हो पाया है, उन्हें तीन दिन का समय दिया गया है। अगर वे स्वयं थाना आकर सत्यापन करा लेते हैं तो ठीक है, वरना लाइसेंस के निरस्तीकरण की रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी जाएगी - डा. प्रीतिंदर सिंह ( एसएसपी )