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बर्ड फेस्टिवल से पहले आए मेहमान परिंदे

Thu, 03 Dec 2015 01:24 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बाह
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चंबल की खामोश वादियां मेहमान परिंदों की आमद से गूंज उठी हैं। ये परिंदे दक्षिण एशिया, साइबेरिया, मंगोलिया, कजाकिस्तान, चीन, तिब्बत से आये हैं। इन देशों में बर्फ बारी शुरू होने के बाद पक्षी चंबल सेंक्च्युरी का रुख करते हैं। बर्ड फेस्टिवल से पहले इनका आगमन शुभ संकेत माना जा रहा है।
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बता दें कि चार से छह दिसंबर तक चंबल सफारी जरार में देशी और विदेशी 75 पक्षी विशेषज्ञ शिरकत करेंगे। उसके पहले चंबल सेंक्च्युरी में अप्रवासी पक्षियों ने दस्तक दी है। इन दिनों चंबल के नंदगवां घाट पर बड़ी तादात में सैलानी इन्हें देखने आ रहे हैं। मेहमान परिंदों की आजाद उड़ान और जल व हवा में कलाबाजियों का लुत्फ पक्षी विशेषज्ञ उठायेंगे। वे इनके संरक्षण और संवर्धन के उपाय सुझायेंगे। चार दिसंबर को बर्ड फेस्टिवल की शुरूआत के साथ ही बर्ड वाचिंग भी शुरू होगी। इसके लिए मेहमान परिंदों से गुलजार चंबल की वादियों में देशी परिंदे भी अपनी अठखेलियों के साथ मौजूद हैं। बता दें कि चंबल सेंक्च्युरी में 286 प्रजाति के देशी और विदेशी परिंदों की मौजूदगी रहती है। इनमें से 152 प्रजातियां भारतीय और 134 प्रजातियां विदेशी हैं। इस साल सर्दी देर से शुरू होने के कारण परिंदों की आमद धीमी रही है।
पेण्टेड स्टार्क, बृह्मी डक, वारहेडेड गीज ने डाला डेरा
- साइबेरिया, मंगोलिया की ओर से वारहेडेड गीज के दो झुंडों ने चंबल में डेरा डाल लिया है।
- दक्षिण एशियाई मुल्कों से आई पेण्टेड स्टार्क के समूह चंबल के तीन घाटों पर दिख रहे हैं।
- तिब्बत, चीन की ओर से बृह्मी डक के चार बड़े समूह चंबल में पहुंचे हैं।
- कजाकिस्तान से डेमीसो क्रेन के आठ जोडे़ राजस्थान वार्डर पर दिखे हैं।
- उत्तर भारत के ऊपरी इलाके से पेलिकन ने चंबल में दस्तक की दी है।
- साइबेरिया की ओर से रेड कस्टर्ड पोचर भी चार की संख्या में पहुंची हैं।
- उत्तर भारत के ऊपरी इलाके से ब्लैक नेक्ड स्टार्क, ह्वाइट नेक्ड स्टार्क ने दस्तक दी है।
- रुडी सेल्डक, ईग्रेट डाटर, पाइड किंगफिसर भी उड़ान भरते हुए दिखे हैं।
चंबल में हर साल की तरह इस बार भी साइबेरिया, मंगोलिया, कजाकिस्तान, चीन, तिब्बत और उत्तर भारत से मेहमान परिंदे आये हैं। कई घाटों पर इनके समूह दिखे हैं। बर्ड फेस्टिवल से पहले इनकी आमद चंबल सेंक्च्युरी के लिए शुभ संकेत हैं।
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        - आरके शर्मा, रेंजर, वन्य जीव बाह
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