अब तक जीएसटी कारोबारियों को परेशान कर रही थी और अब उन लोगों को बेचैन कर रही है जिनके घरों में शादी है। देवोत्थान एकादशी से सहालग शुरू हो रही है लोग बाजार में खरीदारी को पहुंच रहे हैं।
बढ़ी जीएसटी की दर उनकी जेब पर सीधा असर डाल रही है। कपड़े, कैटरिंग, सोने के आभूषण से लेकर समारोह स्थल की बुकिंग पर भी जीएसटी की सीधी मार शादी के बजट पर पड़ रही है।
सहालग शुरू होने को है लेकिन जिन घरों में शादी है वहां जीएसटी ने खलबली मचा दी है। हाल ये है कि कैटरिंग पर 18, गारमेंट्स, शादी समारोह स्थल, फोटोग्राफी पर अब 18 प्रतिशत जीएसटी चुकानी पड़ रही है।
आभूषणों पर इतना कर
jwellary
बिटिया के लिए साड़ी खरीदने पर पांच प्रतिशत और गहने खरीदने पर तीन प्रतिशत जीएसटी देना पड़ रहा है। पांच से सात लाख तक की शादी के बजट पर जीएसटी की रकम 90 हजार तथा 7 से 12 लाख तक की शादियों पर कर की ये 1.50 लाख तक बैठ रही है।
साड़ी कारोबारी महावीर मित्तल, कैटरिंग के कारोबारी डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया जीएसटी की अधिक दर का सीधा असर बजट पर पड़ना तय है। सराफा व्यवसायी अजय कांत गर्ग ने बताया पहले आभूषणों पर एक फीसदी कर था जो अब तीन गुना यानि तीन फीसदी है।
ये है खर्चों की लिस्ट
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शादी के कार्य रकम जीएसटी
समारोह स्थल 2 लाख 36 हजार
डेकोरेशन 1 लाख 18 हजार
बैंड बाजे, डीजे 1 लाख 18 हजार
कैटरिंग 1 लाख 36 हजार
रेडीमेड गारमेंट 1 लाख 18 हजार
साड़ियां 1 लाख 05 हजार
फोटोग्राफी 1 लाख 18 हजार
गहने 2 लाख 6 हजार
ब्यूटी पार्लर 50 हजार 9 हजार