आगरा के दहतोरा (सिकंदरा) स्थित बंद कोठी में शनिवार सुबह परचून व्यापारी राजकुमार उपाध्याय (60) का शव मिला। वह एक महीने पहले ही किराये पर रहने आए थे। परिवार फिरोजाबाद में रहता है। पड़ोसियों ने दुर्गंध आने पर पुलिस को जानकारी दी। परिजन ने हत्या की आशंका जाहिर की है। शव दो दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। कॉलोनी के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी चेक किए जा रहे हैं।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार के मुताबिक, शनिवार सुबह सिकंदरा के दहतोरा में एक कोठी से दुर्गंध आने की सूचना मिली थी। पुलिस को कोठी के मुख्य गेट पर ताला लगा मिला, लेकिन कमरे का दरवाजा खुला था। पुलिस अंदर पहुंची तो कमरे में फर्श पर शव पड़ा हुआ था। जो दो से तीन दिन पुराना था।
मृतक की पहचान फिरोजाबाद के आनंदीपुर निवासी राजकुमार उपाध्याय के रूप में हुई। घटना की जानकारी पर मृतक के बेटे, बेटी और बहन सहित अन्य परिजन आ गए। डीसीपी सिटी ने बताया कि मृतक के शरीर पर किसी तरह की चोट का निशान नहीं था।
घर में सामान भी सुरक्षित मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की है। कोठी मालिक के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पत्नी के बारे में भी पता किया जा रहा है।
10 साल पहले व्यापार में घाटा होने पर की थी नाैकरी
राजकुमार उपाध्याय का बेटा आशीष मेडिकल स्टोर पर काम करता है। बेटी कुट्टू शादीशुदा है। वह ग्रेटर नोएडा में रहती है। वहीं बहन नीरू कारगिल में रहती हैं। चचेरे भाई डा. विशाल एसएन मेडिकल कालेज में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि राजकुमार को 10 साल पहले दवाओं के व्यापार में घाटा हो गया था। इस वजह से एक फार्मा कंपनी में नौकरी करने लगे।
तीन साल पहले पत्नी छोड़कर चली गईं थी। एक महीने पहले ही आगरा आए थे। दहतोरा में किराये पर मकान लेने के बाद पास ही परचून की दुकान खोल ली थी। उन्होंने हत्या की आशंका जाहिर की।
सुरक्षित नहीं एकाकी बुजुर्ग
एकाकी बुजुर्ग की मृत्यु का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी घर में बुजुर्ग लोगों के शव मिल चुके हैं। शाहगंज के अर्जुन नगर में किराये पर रहने वाली मां-बेटी के शव मिले थे। वह कई साल से अकेले गुजर बसर कर रही थीं। हरीपर्वत क्षेत्र की विजय नगर कालोनी में एक महिला का बंद कोठी में शव मिला था। वह भी कई साल से अकेले रह रही थी।
इसी तरह ऋषि मार्ग पर कोठी में बुजुर्ग का शव मिला था। पुलिस ने इन घटनाओं के बाद कई बार एकाकी बुजुर्गों के लिए ऑपरेशन सवेरा शुरू किया था। इसमें एकाकी बुजुर्गों के बारे में जानकारी ली जानी थी। जिससे वो सुरक्षित रह सकें। कुछ दिन बाद ही ऑपरेशन ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
ये भी पढ़ें-
UP: पांच बच्चों की मां ने दिखाया ऐसा रूप...पुलिस भी घबरा गई, लेनी पड़ी राहगीर महिला की मदद; जानें पूरा मामला