मेरा बेटा तो चला गया है, रिश्तेदारों ने क्या बिगाड़ा है। बवाल तो वहां के लोगों ने किया था। रिश्तेदार तो मेरे दुख में शामिल होने आए थे... वादा करने के बाद भी पुलिस ने उन्हें नहीं छोड़ा और जेल भेज दिया। यह कहना है सोमवार को फतेहाबाद में थार की टक्कर से मरने वाले 22 वर्षीय मनीष के पिता सामलिया सिंह का, बेटे के अंतिम संस्कार के बाद उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है।
फतेहाबाद के फिरोजाबाद सड़क पर पूठपुरा गांव के पास सोमवार को बेकाबू थार कार ने कई वाहनों को टक्कर मार दी थी। इसमें रिश्तेदारी में लगुन सगाई कार्यक्रम में जा रहे न्यू आगरा के खासपुर के बहादुरपुर गांव के निवासी मनीष 22 की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद लोगों ने जमकर हंगामा किया था। बवाल में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस ने रात ही शव का पोस्टमार्टम कराया था। मंगलवार सुबह ही गांव में थाना न्यू आगरा समेत कई थानों का फोर्स पहुंच गया था। स्थानीय संभ्रांत लोगों से वार्ता कर शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार करवाने को कहा था। पोइया घाट पर परिजन शव का अंतिम संस्कार करने पहुंचे तो वहां लोगों से अधिक संख्या पुलिसकर्मियों की थी।
पिता सामलिया सिंह ने बताया कि पुलिस से उन्होंने गुहार लगाई थी। बताया था कि बवाल तो वहां के स्थानीय लोगों ने किया था। पुलिस ने गांव के ही उनके चाचा के लड़के सुरेश, फिरोजाबाद निवासी दामाद और उनके भाई और जिस भांजे की शादी है, उसे भी हिरासत में लिया था। बातचीत में कहा गया था कि अंतिम संस्कार के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद सभी का चालान कर दिया गया। बेटे की मौत पर सांत्वना जताने आए रिश्तेदारों पर कार्रवाई से वह बहुत दुखी हैं। पुलिस उन्हें छोड़ दे।
चार माह पहले हुई थी शादी
पिता सामलिया सिंह ने बताया कि बेटा एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान में काम करता था। परिवार में उसके दो भाई, वह और बेटे की मां बचे हैं। चार माह पहले ही बेटे की धूमधाम से शादी की थी। पोते का मुंह देखने का सपना था पर बेटे की मौत से सपना अधूरा रह गया। पति की मौत के बाद नई दुल्हन बेसुध हो गई। अंतिम संस्कार से पहले ही कई बार पति के शव से लिपट कर बेहोश हो गई। गर्मी के कारण लोग उसे पानी पिलाने चले पर उसके गले से एक बूंद भी नहीं उतरी। परिवार के लोगों ने उसे ढांढस बंधाया और अंतिम संस्कार किया।