आगरा के इनर रिंग रोड स्थित रायपुर और रहनकलां में विकसित होने वाले ग्रेटर आगरा की गंगापुरम और नर्मदापुरम टाउनशिप की लागत 17.52 करोड़ रुपये बढ़ गई है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की तकनीकी जांच के बाद किए गए बदलावों के कारण लागत बढ़ी है। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
रायपुर-रहनकलां गांवों में नदियों के नाम पर 10 टाउनशिप बसाई जा रही हैं। इनमें से गंगापुरम (टाउनशिप-3) और नर्मदापुरम (टाउनशिप-7) में सड़क, नाली, सीवर लाइन, रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और चहारदीवारी आदि का निर्माण कार्य होना है। शुरुआत में कंसल्टेंट कंपनी की ओर से तैयार एस्टीमेट के आधार पर ई-निविदाएं निकाली गई थीं और न्यूनतम बोली लगाने वाली कंपनियों को कार्य आदेश जारी कर दिया गया था।
जब एएमयू के विशेषज्ञों ने डीपीआर की तकनीकी जांच की तो उन्होंने गुणवत्ता में सुधार के लिए कई बदलाव सुझाए। इसमें आरसीसी ड्रेन के सेक्शन में बदलाव, सीवर लाइन के मैनहोल में ईंटों के स्थान पर आरसीसी का इस्तेमाल करने और सड़कों की मोटाई बढ़ाने को कहा गया। इन बदलावों के कारण पूर्व में तैयार एस्टीमेट में संशोधन किया गया और लागत बढ़ गई।
एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुनमोली ने बताया कि यदि विकास प्राधिकरणों या अन्य सरकारी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे कार्यों में स्वीकृत लागत से 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी होती है, तो उसके लिए प्राधिकरण बोर्ड की मंजूरी जरूरी होती है। दोनों टाउनशिप में वृद्धि 13.64% और 14.17% है, ऐसे में संशोधित एस्टीमेट प्राधिकरण बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर मंजूरी ले ली गई है।
75 करोड़ हुई गंगापुरम की लागत
गंगापुरम के लिए 66.30 करोड़ रुपये की निविदा स्वीकृत हुई थी। नए बदलावों के बाद संशोधित एस्टीमेट 75.35 करोड़ हो गया है। इसमें 9.04 की वृद्धि हुई है। वहीं नर्मदापुरम में पूर्व में स्वीकृत निविदा 59.86 करोड़ की थी। अब संशोधित एस्टीमेट बढ़कर 68.34 करोड़ हो गया है। इसमें 8.48 करोड़ का इजाफा हुआ है। दोनों टाउनशिप के लिए कुल मिलाकर 17.52 करोड़ रुपये बजट बढ़ा है।