आगरा इनर रिंग रोड स्थित रायपुर व रहनकलां में प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित होने वाले ग्रेटर आगरा का सर्वे पूरा हो चुका है। अब विस्तृत कार्य योजना (डीपीआर) तैयार होगी। इसके लिए अगली बोर्ड बैठक में आगरा विकास प्राधिकरण प्रस्ताव रखेगा।
रायपुर व रहनकलां में एडीए ने 442 हेक्टेयर भूमि 2010-11 में अधिग्रहित की थी। 15 साल बाद मुआवजा वितरित किया जा रहा है। 77% किसानों को मुआवजा वितरित हो चुका है। ऐसे में आगरा विकास प्राधिकरण ने भूमि पर कब्जा दिलाने के लिए प्रशासन को पत्र भेजा है। कब्जा मिलते ही साइट पर एडीए मुड्ढियां गाढ़ेगा। स्वामित्व का बोर्ड लगाएगा। जिस कंपनी ने सर्वे किया है, उसे एडीए ने प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं।
भूमि के बदले एडीए ने 400 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा बटेगा। दो हजार से अधिक किसानों की भूमि गई है। ग्रेटर आगरा में एडीए तीन तरह का भू उपयोग प्रस्तावित कर सकता है। आवासीय के अलावा ग्रुप हाउसिंग और व्यावसायिक भूखंड व भवन निर्मित किए जाएंगे। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि अगली बोर्ड बैठक में डीपीआर का प्रस्ताव रखा जाएगा। भूमि राजस्व अभिलेखों में आगरा विकास प्राधिकरण के नाम दर्ज हो चुकी है।