ग्रेटर आगरा प्रोजेक्ट को देखते सीएम योगी
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ग्रेटर आगरा योजना आगरा को नोएडा और गुरुग्राम जैसा अत्याधुनिक शहरी केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है। इसका शिलान्यास पिछले माह अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। इस परियोजना को यूपी रेरा से भी मंजूरी मिल चुकी है। 5,142 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 449.65 हेक्टेयर भूमि पर यह हाईटेक शहर बसाया जा रहा है। इससे न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि ताजनगरी के प्रॉपर्टी बाजार में भी जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है।
नदियों के नाम पर होंगी 10 टाउनशिप
योजना के तहत 10 अत्याधुनिक आवासीय टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जिनका नामकरण देश की पावन नदियों के नाम पर जैसे- नर्मदापुरम, गंगापुरम, महानदीपुरम आदि किया गया है। इनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से लेकर उच्च आय वर्ग (एचआईजी) तक के लिए कुल 4,353 भूखंड शामिल होंगे। यह योजना 10,000 से अधिक परिवारों को आधुनिक और सुरक्षित आवास का सपना पूरा करेगी।
20 मई को तय होंगी भूखंड की दरें
ग्रेटर आगरा में चौड़ी सड़कें, भव्य पार्क, निर्बाध बिजली-पानी, अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम जैसी सभी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। इसकी सीधी कनेक्टिविटी यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ एक्सप्रेसवे और इनर रिंग रोड से होगी, जिससे यहां रहने वालों को जाम की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। एडीए ने आवासीय भूखंडों के लिए न्यूनतम 33,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर और व्यावसायिक भूखंडों के लिए 66,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर प्रस्तावित की है। आगामी 20 मई को होने वाली एडीए बोर्ड बैठक में इन दरों पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है।