आपकी सांसों पर संकट न छाए, इसलिए प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीएसपीसीबी) के साथ ही नगर निगम, आरटीओ, एडीए समेत विभिन्न विभाग हरकत में आ गए हैं।
प्रदूषण का स्तर बढ़ने वाले कारणों को दूर करने के लिए कदमताल शुरू कर दी गई है। निर्माण स्थलों को कवर करने के साथ ही पानी की लगातार बौछार करने के लिए कहा गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 के पार जाने पर ग्रैप 1 लागू कर सख्ती बढ़ाई जाएगी।
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अक्तूबर की शुरूआत में हुई बारिश के कारण शहर की हवा बेहतर है। मंगलवार को शहर के ज्यादातर क्षेत्रों में एक्यूआई 100 के नीचे ही दर्ज किया गया। हालांकि जून, जुलाई और अगस्त महीने में बोदला और नुनहई क्षेत्र में एक्यूआई 200 के करीब तक गया। खासकर रात के समय और तड़के प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। ऐसे में बारिश के बावजूद बोर्ड ने ग्रैप के प्रोटोकॉल के अनुसार विभागों को एहतियात बरतने के लिए कह दिया है।
अधिकारियों का मानना है कि सर्दी के मौसम में खासतौर पर दशहरा से दीवाली के आसपास शहर की हवा में प्रदूषण के कणों की मात्रा बढ़ जाती है। इस वजह से सांस लेने में दिक्कत और अस्थमा रोगियों के साथ लंबी चलने वाली खांसी के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगता है। कुछ लोगों को आंखों में जलन जैसी परेशानी का भी सामना करना पड़ता है। इसकी मुख्य वजह धूल उड़ाना, कूड़ा जलाना और अव्यवस्थित निर्माण से होने वाला प्रदूषण है। सर्द मौसम में मिक्सिंग हाइट नीचे आ जाने से प्रदूषणकारी तत्व ज्यादा परेशान करते हैं, जिससे प्रदूषण स्तर बढ़ जाता है। एक्यूआई को सुधारने के लिए ग्रैप लागू किया गया है।
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छह जगह सामान्य रहा एक्यूआई
मंगलवार को शहर के 6 स्थान में लगे प्रदूषण मापक यंत्रों में प्रदूषण का स्तर नियंत्रण में रहा। संजय प्लेस में एक्यूआई 33, शाहजहां गार्डन में 88, शास्त्रीपुरम में 74 और सेक्टर तीन आवास विकास कॉलोनी में एक्यूआई 70 दर्ज किया गया।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि 200 से ऊपर एक्यूआई होने पर सभी विभाग प्रदूषण नियंत्रण के लिए सक्रिय हो जाते हैं। टीम लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर निरीक्षण कर रही हैं और यदि उन्हें किसी जगह पर प्रदूषण के बढ़ने की आशंका होगी तो संबंधित विभाग को ग्रैप के तहत सख्ती करनी होगी।