ग्राम प्रधान ठेरई की नवनिर्वाचित प्रधान संगीता देवी
- फोटो : अमर उजाला
शमसाबाद में ग्राम पंचायत ठेरई की प्रधान संगीता देवी खुद स्नातक हैं। वे चाहती हैं कि गांव की हर बालिका शिक्षित बने। इसके लिए उनका कहना है कि वे गांव में कन्या विद्यालय की स्थापना कराने का पूरा प्रयास करेंगीं। हालांकि इससे पहले भी 38 साल से उनके ही परिवार के लोग गांव की प्रधानी कर रहे हैं। तीन बार तो उनके पति ब्रजमोहन ही प्रधान रहे हैं। इससे पहले 1982 से 1995 तक उनके ससुर ज्ञान सिंह और 1996 से 2005 तक उनकी सास पूरन देवी प्रधान रहीं थीं।
ये हैं ग्राम विकास की योजनाएं
- गांव में टंकी का निर्माण कराकर पाइप लाइन से घर-घर पानी की आपूर्ति कराना।
- नाली-खड़ंजा बनवाकर गांव में जलनिकासी और आवागमन की समस्या को दूर करना।
- बेघर परिवारों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आवास उपलब्ध कराना।
गांव में ये हैं प्रमुख समस्याएं
- गांव में बालिका शिक्षा के लिए स्कूल नहीं होने से लड़कियों को गांव से दूर शमसाबाद जाना होता है।
- गांव में जलभराव की समस्या गंभीर हैं। नालियां क्षतिग्रस्त होने से बारिश के दिनों में गलियां और रास्ते जलमग्न हो जाते हैं।
- गांव में आवास योजनाओं का भी तमाम जरूरतमंदों को लाभ नहीं मिला है।
ग्राम पंचायत एक नजर में
शमसाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत ठेरई में तीन मजरे मोहनलाल, गढ़ी विस्सी और गढ़ी पांखरिया हैं। यहां की आबादी लगभग चार हजार और 2650 मतदाता हैं। गांव में अब भी ज्यादातर शौचालय अधूरे पड़े हैं। इससे यहां स्वच्छता मिशन का संदेश पूरा नहीं हो सका है। नवनिर्वाचित प्रधान का कहना है कि जल्द ही इस दिशा में काम किया जाएगा। ताकि गांव की महिलाओं और अन्य लोगों को खुले में शौच से मुक्ति मिल सके।
ये भी पढ़ें- हमारे प्रधान जी: चुनाव बाद बनी गांव की नई सरकार, आदर्श ग्राम पंचायत बनाना नवनिर्वाचित प्रधान मीना का मकसद