उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप भूमि पैमाइश के कार्यों में पारदर्शिता और सटीकता लाने के उद्देश्य से संचालित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को सफल समापन हुआ। आयुक्त कार्यालय स्थित सभागार में आयोजित इस शिविर के अंतिम दिन फिरोजाबाद और मैनपुरी के लेखपालों, कानूनगो, तहसीलदारों एवं अन्य राजस्व कर्मियों को जीपीएस आधारित रोवर मशीन के संचालन का गहन प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर सीनियर एप्लीकेंट अभिषेक कुमार और सीनियर मैनेजर संजय गुप्ता ने राजस्व कर्मियों को मशीन की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने डेमो के माध्यम से फील्ड में रोवर मशीन के इंस्टालेशन, कॉन्फ़िगरेशन और जीपीएस सैटेलाइट से कनेक्ट करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।
कर्मचारियों को सिखाया गया कि कैसे डिजिटल डेटा एकत्र कर भूमि का सटीक सीमांकन किया जाता है, जिससे भविष्य में सीमा विवादों की गुंजाइश न रहे। इस आधुनिक तकनीक के उपयोग से अब भूमि पैमाइश में मानवीय त्रुटि की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज होने से राजस्व संबंधी विवादों का निस्तारण त्वरित और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अब ये राजस्व कर्मी अपने-अपने क्षेत्रों में हाई-टेक मशीनों के जरिए पैमाइश का कार्य सुगमता से कर सकेंगे। इस दाैरान आगरा मंडल के संबंधित जनपदों के राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।