फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्यपाल ने कहा, बेटियां इतनी अागे, बेटों को आरक्षण की जरूरत आन पड़ी है

Thu, 29 Oct 2015 01:37 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि मेडल पाने वाले विद्यार्थियोें में छात्राओं की संख्या छात्रों से कहीं ज्यादा है, यह बेटियों और उनके अभिभावकों की मेहनत का नतीजा है, अभी तक तो महिला आरक्षण की आवाज उठ रही थी, लेकिन बेटियों की यह कामयाबी देखकर लगता है कि अब लड़कों को आरक्षण की जरूरत आन पड़ी है, यह देश के लिए बेहतर संकेत है। वह डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी कैंपस में आयोजित 81वें दीक्षांत समारोह के अध्यक्ष के रूप में मौजूद थे।
विज्ञापन

राज्यपाल छात्राओं की इस कामयाबी पर गदगद नजर आए। मेडल पाने वाले कुल 107 विद्यार्थियों में 83 छात्राएं और 24 छात्र थे। राज्यपाल ने लड़कों को आरक्षण की जरूरत की यह बात चुटकी लेने के अंदाज में कही, लेकिन इसका संदेश गंभीर था। उन्होंने विद्यार्थियों को कामयाबी के चार सूत्र भी दिए। इसके साथ ही  संस्कार, अनुशासन और संघर्ष का पाठ पढ़ाया। कहा, डिग्री-मेडल पाकर खुला आसमां सामने होगा, लेकिन ऊंची उड़ान वे ही भर सकेंगे, जिनके पंख संघर्ष के होंगे। उन्होंने कहा, डा. अंबेडकर ने विषम हालात में भी हार नहीं मानी। संघर्ष किया और संविधान निर्माता बने। छात्र निर्माण में उन्होंने परिवार, शिक्षक और कालेज की बराबर भूमिका बताई।
विश्वविद्यालय की हालत पर पास बैठे राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं पत्यायन परिषद के निदेशक डा. डीपी सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा, यहां का पढ़ा छात्र देश के विश्वविद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता का आकलन करता है, तो फिर ये विश्वविद्यालय शैक्षणिक गुणवत्ता के मामले में प्रदेश में अव्वल क्यों नहीं आ सकता। इसके लिए उन्होंने सभी के समान प्रयासों को जरूरी बताया।
विज्ञापन


कुल मेडल     107
छात्राएं      83
छात्र      24
गोल्ड मेडल     93
छात्राएं       71
छात्र     22
सिल्वर मेडल     14
छात्राएं         12
छात्र        02
--। सफलता के चार सूत्र
-  हमेशा मुस्कराते रहो
- औरों की प्रशंसा करो
-  किसी का अवमानना न करो
- बेहतर करने का प्रयास करते रहो
रामगोपाल के बयान पर टिप्पणी से इंकार
दीक्षांत समारोह के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि संविधान पद पर होने के चलते राजनीतिक बयानों पर उनका टिप्पणी करने का औचित्य नहीं है। उनसे सपा महासचिव राम गोपाल यादव के उस बयान के बारे में सवाल किया गया था जिसमें उन्होंने राज्यपाल को आरएसएस एजेंट कहा था। इसके बाद राज्यपाल से विवि के जाली मार्कशीट घोटाले का बारे में प्रश्न किया गया। इस पर वह जवाब दिए बगैर आगे बढ़ गए। इसके बाद मीडिया के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें