आगरा के सरकारी विद्यालयों में 10.25 करोड़ रुपये की लागत से ड्रीम लैब स्थापित की जा रही हैं, जहां विद्यार्थियों को एआई, रोबोटिक्स, कोडिंग और 3डी प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की शिक्षा मिलेगी। इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्रों को समान तकनीकी अवसर मिलेंगे और उनमें नवाचार व शोध की सोच विकसित होगी।
सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए जिले में बड़ा शैक्षिक प्रयोग होने जा रहा है। भारत सरकार और टाटा टेल्को के सहयोग से करीब 10.25 करोड़ रुपये की लागत से ड्रीम लैब पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज, मिढ़ाकुर में तैयार की जा रही हैं। इसके माध्यम से छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, कोडिंग, 3डी प्रिंटिंग और डिजिटल इनोवेशन जैसी आधुनिक तकनीकों की शिक्षा दी जाएगी।
परियोजना के तहत जिले में तीन और स्कूलों का चयन किया गया है। जिला समन्वय अधिकारी डब्लूएन मिडिल बताते हैं कि राजकीय हाईस्कूल बल्हेरा, राजकीय इंटर कॉलेज शाहगंज व पं. दीनदयाल उपाध्याय रा.मा.इंटर कॉलेज मनकेढ़ा में दो-दो कमरों को हाईटेक लैब के रूप में विकसित किया जाएगा। इन लैबों में अत्याधुनिक कंप्यूटर, स्मार्ट उपकरण और प्रयोग आधारित शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
डीआईओएस रविंद्र पाल तोमर बताते हैं कि इनमें से एक ड्रीम लैब पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज, मिढ़ाकुर में स्थापित की जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रयोगात्मक और कौशल आधारित शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। ड्रीम लैब इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों को समान तकनीकी अवसर मिल सकेंगे। लैब शुरू होने के बाद जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा और उनमें नवाचार एवं शोध की सोच विकसित होगी।