कासगंज। जहरीला चारा खाने से सहावर तहसील क्षेत्र के गांव खुईदा बदनपुर में हुई नौ गोवंशों की मौत और सात के बीमार होने के मामले में प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। पूर्व में हुई पशु गणना के अनुसार पशुपालकों के गोवंशों की जानकारी की जाएगी। यदि गणना के अनुसार गोवंश नहीं मिले तो पशुपालकों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही डीएम के निर्देश पर पशु चिकित्सा विभाग और कृषि विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर अब किसानों को जागरूक करेंगी।
9 गोवंशों की मौत से प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग में खलबली हुई है। प्रथम दृष्टया पाया गया कि यह गोवंश पालतू थे। जो पशुपालकों ने चरने के लिए छोड़ दिए थे। ऐसे में अब पशु चिकित्सा विभाग गोवंशों के संरक्षण को गांव-गांव पहुंचेगा।
इस दौरान किसानों को जागरूकता के साथ गोवंश निराश्रित न छोड़ने के लिए आगाह किया जाएगा। साथ ही उन्हें गोवंशों के संरक्षण की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा कृषि विभाग की टीमें भी किसानों को जागरूक करेंगी कि वे खेतों में किस मात्रा में और कौन-कौन से कीटनाशकों का प्रयोग करें। ताकि चारा जहरीला न हो सके।
- पशुपालकों को जागरूक किया जाएगा। पूर्व में जो गणना की गई उसके अनुसार यदि पशु पालकों के पास गोवंश नहीं मिलेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी- एके सागर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
- किसानों को जागरूक किया जाएगा कि वे अपनी फसलों में सीमित मात्रा में कीटनाशकों का प्रयोग करें। बताया जाएगा कि कौन से कीटनाशक घातक हैं और कौन से फसल को लाभकारी हैं- सुमित चौहान, जिला कृषि अधिकारी।