मथुरा में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ताजा पहल रंग लाती है तो ठाकुर बांकेबिहारी जी के दर्शन के लिए मचने वाली आपाधापी खत्म हो जाएगी। ठाकुर बांकेबिहारी जगमोहन में विराजते हुए भक्तों को दर्शन देंगे। इस दौरान उनका फूलों से शृंगार भी होगा।
वृंदावन स्थित मंदिर बांकेबिहारी की परंपरा अंतर्गत वर्ष में चैत एकादशी से हरियाली अमावस्या तक करीब चार माह तक फूल बंगला का आयोजन होता है। इस दौरान ठाकुर बांकेबिहारी फूलों में सजकर शाम के वक्त गर्भगृह से जगमोहन पहुंचते हैं। यहां विराजकर भक्तों को दर्शन देते हैं। इसके अलावा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और शरद पूर्णिमा को भी भक्त बांकेबिहारी जी के जगमोहन में ही दर्शन करते हैं।
अब ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने इस परंपरा को अनवरत बनाए रखने की पहल की है। इसके लिए मंदिर सेवायतों के साथ बैठक हो रही हैं। सुझाव दिया है कि मंदिर के दर्शनों का समय आठ के स्थान पर 10-12 घंटे करने के साथ ठाकुर बांकेबिहारी जी के दर्शन भक्तों को जगमोहन से कराए जाए। फूलों के शृंगार की परंपरा को भी बढ़ाया जाए। इसके साथ ही मंदिर के पूर्व हिस्से में पीछे लगी दीवार को हटाकर अंदरूनी परिसर को और बड़ा कर दिया जाए।