वित्त मंत्री अरुण जेटली के पिटारे से जूता उद्योग के लिए सीधे तो रियायतें नहीं निकलीं, लेकिन जो कदम उठाए गए, उनका असर फुटवियर पर नजर आएगा। टैक्सटाइल्स के समान सुविधाएं देने के कदम से न केवल जूते की चमक बढ़ेगी, बल्कि जूते की उत्पादन क्षमता में भी बढ़ोतरी तय है।
टर्न ओवर टैक्स में छूट और नए रोजगार पर ईपीएफ जमा करने के कदम का फुटवियर उद्योग फायदा उठाने के लिए तैयार बैठा है। इस बजट से फुटवियर उद्योग निर्यात में मिल रही प्रतिस्पर्धा से मुकाबला करने की स्थिति में आ जाएगा।
बजट में 500 करोड़ रुपये लेदर और फुटवियर विकास के लिए रखे गए हैं। सरकार 2600 करोड़ रुपये का पैकेज पहले ही फुटवियर उद्योग को दे चुकी है।
लेदर फुटवियर इकाइयों को तकनीकी रूप से उन्नत करने और आधुनिकीकरण करने के लिए 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसका फायदा आगरा की निर्यात और घरेलू इकाइयां उठा सकेंगी। निर्यात में आगरा की भागीदारी 27 फीसदी और घरेलू बाजार में 65 फीसदी हिस्सेदारी है।