हैदराबाद की कंपनी एनएसएल इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे 300 एकड़ भूमि में आईटी पार्क विकसित करेगी। प्रोजेक्ट पर पांच हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। यमुना एक्सप्रेस औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की बोर्ड बैठक में 10500 हेक्टेयर भूमि पर अर्बन सेंटर का प्रस्ताव पास हो चुका है।
अर्बन सेंटर में चार टाउनशिप बनेंगी। जिन्हें इलेक्ट्रोनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। इनमें 300 एकड़ भूमि पर आईटी सिटी बनेगा। जहां आईटी से जुड़ी विभिन्न कंपनियां व स्टार्ट शुरू होंगे। 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। आईटी सिटी के लिए मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी को दिए हैं।
आगरा पर्यावरण दृष्टि से संवेदनशील है। 60 वर्ग किमी. क्षेत्र में ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) घोषित है। ऐसे में यहां प्रदूषणकारी उद्योगों के लिए बंदिश, लेकिन गैर प्रदूषणकारी आईटी पार्क बन सकता है। फरवरी 2023 में ग्लोबल इनवेस्टर समिट के दौरान एनएसएल इन्फ्राटेक ने आईटी पार्क में निवेश के लिए एमओयू साइन किया था। जिसे अब धरातल पर उतारने का रास्ता साफ हो गया है।
उद्घाटन के इंतजार में एसटीपीआई
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) की बिल्डिंग तैयार हो चुकी है। मार्च 2023 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उद्घाटन करना था, लेकिन अभी तक समय नहीं मिला। 23 हजार वर्ग फुट में बने इस पार्क में आईटी व सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए स्थान मुहैया कराया गया है।
रुकेगा प्रतिभाओं का पलायन
आईटी क्षेत्र में आगरा में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण प्रतिभाएं दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम से लेकर बेंगलुरू व अन्य राज्यों में पलायन के लिए मजबूर हैं। आईटी पार्क और एसटीपीआई शुरू होने से आगरा से प्रतिभाओं का पलायन रुकेगा। आगरा में पिछले 20 साल से आईटी पार्क बनाने की मांग उठ रही है।
निवेश को कंपनी तैयार
संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार ने बताया कि आईटी पार्क में पांच हजार करोड़ रुपये निवेश करने के लिए हैदराबाद की कंपनी तैयार है। 300 एकड़ भूमि यमुना एक्सप्रेस-वे के पास उपलब्ध कराई जाएगी।