आगरा। विश्व स्वर्ण परिषद की गोल्ड मिड इयर आउटलुक 2026 रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में सोने की कीमतें मौजूदा स्तर के आसपास सीमित दायरे में रह सकती हैं। हालांकि वैश्विक आर्थिक कमजोरी, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव या ब्याज दरों को लेकर बाजार की धारणा बदलने पर सोने में दोबारा मजबूत तेजी आ सकती है। आभूषण ज्वैलर्स के प्रबंध निदेशक एवं स्वर्ण उद्योग विशेषज्ञ आनंद प्रकाश ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वैश्विक परिस्थितियां लगातार इस बात की पुष्टि कर रही हैं कि सोना आज केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि आर्थिक अनिश्चितताओं के विरुद्ध सबसे भरोसेमंद सुरक्षा कवच बन चुका है। उन्होंने कहा कि युद्ध, व्यापारिक तनाव, मुद्रास्फीति और वित्तीय बाजारों की अस्थिरता के बीच निवेशकों तथा केंद्रीय बैंकों का भरोसा लगातार सोने पर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार में विवाह, पारिवारिक परंपराओं और दीर्घकालिक बचत की सोच के कारण सोने की मांग मजबूत बनी रहेगी। उन्होंने निवेशकों को अल्पकालिक सट्टेबाजी के बजाय सोने को दीर्घकालिक परिसंपत्ति के रूप में अपनाने की सलाह दी।
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