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मेरी पहचान, मेरी लाडलीः पापा ने कहा शाबाश तो बेटी के सपनों को लग गए पंख

Tue, 16 Jan 2018 04:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला राया (मथुरा)
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अपने माता-पिता के साथ कामिनी शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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बेटी की हर सफलता पर पापा ने कहा शाबाश। बस फिर क्या था बिटिया ने भी परचम लहरा दिया। यूनिवर्सिटी में गोल्ड मेडल हासिल किया तो दीक्षांत समारोह में देश के राष्ट्रपति ने सम्मानित किया। जूडो में अपनी प्रतिभा से सभी को चौंका दिया।
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राया के गांव आयराखेड़ा निवासी सत्यदेव शर्मा की पुत्री कामनी शर्मा बचपन से ही पढ़ने में तेज थी। गांव के माहौल में बेटी की उच्च शिक्षा को लेकर सवाल उठते है। मां हरेंद्री ने इन सब बातों को दरकिनार कर बेटी का हौसला बढ़ाया। मम्मी-पापा ने हिम्मत बढ़ाई तो मानो बिटिया के सपनों को पंख लग गए। 

हाईस्कूल और इंटर में अच्छे अंक पाकर नाम रोशन किया। कामनी ने जूडो कराटे में भी ग्रीन बेल्ट हासिल कर ये धारणा तोड़ दी कि गांव की बेटी खेलकूद में आगे नहीं बढ़ सकती। 
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आईएएस बनना चाहती है कामनी 

एमए राजनीतिक विज्ञान में उच्चतम अंक प्राप्त करने पर आगरा में आयोजित हुए दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्वर्ण पदक व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया है। 

अब बेटी की आंखों में आईएएस बनने का सपना पल रहा है। पूरा परिवार बिटिया कामिनी के इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए उसकी हौसलाअफजाई कर रहा है। 
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