मथुरा की कमलेश और ईशा के पापा पातीराम स्पोर्ट्स स्टेडियम में ग्राउंडमैन हैं। वो अपने साथ बेटियों को स्टेडियम ले जाते थे। पातीराम खिलाड़ियों के लिए मैदान तैयार करते और बेटियां खिलाड़ियों को दौड़ता देख दौड़ लगातीं।
पातीराम गणेशरा स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में संविदा पर ग्राउंडमैन है, आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके बावजूद बेटियों में खेल और पढ़ाई के प्रति रुचि देखी तो मां प्रेमवती ने हौसला बढ़ाया। फिर क्या था मानो बेटियों के सपनों को पंख लग गए। बड़ी बेटी कमलेश होल्कर ने स्टेडियम में ही कड़ा अभ्यास शुरू कर दिया।
मेहनत का नतीजा भी आया, कमलेश ने विद्याभारती की नेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर पूरे देश में परचम लहरा दिया। एसजीएफआई में छह बार प्रतिभाग किया। ग्वालियर लक्ष्मीबाई यूनिवर्सिटी की ओर से ऑल इंडिया दौड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।