सराफा बाजार में सुहागनों की भीड़ से पायल बजने लगी है और बिछुआ चमक रहे हैं। सोना और चांदी के भाव में आई मंदी से करवाचौथ से पहले बाजार खिलखिला उठा है। कीमती धातुओं के दाम में गिरावट से लुहार गली, फव्वारा, सिंधी बाजार, लोहामंडी और शाहगंज के सराफा बाजार ग्राहकों की आमद तेज हो गई है।
सोने का भाव 1,45,000 रुपये प्रति दस ग्राम है, जबकि चांदी 2.12 लाख रुपये प्रति किलो है। करवाचौथ से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने सराफा बाजार की रौनक ला दी है। लंबे समय से महंगी चांदी के कारण जो महिलाएं आर्टिफिशियल आभूषणों की ओर रुख कर रही थीं, उन्होंने अब फिर से पारंपरिक शुद्ध चांदी की पायल और बिछुआ की खरीदारी शुरू कर दी है। त्योहारी बाजार में सुहागिनों की भीड़ से पायल और बिछुआ की चमक दोगुनी हो गई है।
आगरा सराफा मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजमोहन रेपुरिया ने बताया कि पिछले महीने चांदी के भाव 2.40 लाख रुपये थे। ऐसे में त्योहारी सीजन प्रभावित होने की आशंका थी। ग्राहक बेहद हल्के वजन के आभूषण मांग रहे थे। करवाचौथ के मौके पर कीमतों में नरमी आने से बाजार का ट्रेंड पलट गया है।
श्री सराफा कमेटी के अध्यक्ष धन कुमार जैन ने बताया कि शगुन के लिए अब एक बार फिर से 100 से 150 ग्राम तक की भारी और डिजाइनर पायलों की मांग आ रही है। इसके साथ ही मीनाकारी, कुंदन और घुंघरू वाले बिछुआ भी जमकर बिक रहे हैं।
चौबे जी फाटक स्थित कारोबारी तरुन अग्रवाल ने बताया कि कीमतों की नरमी ने ग्राहकों के त्योहारों पर राहत दी है। भाव गिरने से करवाचौथ के बाजार में अचानक उछाल आया है। जो महिलाएं पहले सिर्फ रस्म अदायगी के लिए हल्की पायल देख रही थीं, वे अब मनपसंद वजन के डिजाइनर पायल-बिछुआ खरीद रही हैं। शहर के किनारी बाजार, सिंधी बाजार, सदर भट्टी और नमक की मंडी जैसे प्रमुख सराफा बाजारों में भी जमकर खरीदारी चल रही है।