आगरा के पिनाहट इलाके के बसई अरेला में पुराने गांव में प्राचीन चामुंडा मंदिर के पास खाली पड़ी जमीन पर गोशाला निर्माण के लिए ट्रैक्टर से मिट्टी के समतलीकरण में सोने और चांदी के सिक्के मिले। मटके में सिक्के भरे थे, जो ट्रैक्टर चलने के कारण फूट गया।
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कुछ सिक्कों को ग्रामीण अपने साथ ले गए। यह सिक्के ब्रिटिश हुकूमत के दौरान वर्ष 1940 और 1942 के हैं। प्राचीन चामुंडा मंदिर के पास गोशाला की जमीन को समतल करने के दौरान सोने-चांदी के सिक्कों से भरा मटका पाया गया।
ट्रैक्टर चालक और ठेकेदार सेवाराम के साथ मंदिर के सेवक गरीबदास ने इन सिक्कों को बटोर लिया। मटके में सिक्के मिलने की बात जब गांव में पहुंची तो अन्य ग्रामीण भी पहुंचे और सोने-चांदी के सिक्के लेने की होड़ लग गई।
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जिसे जितने सिक्के मिले, उठा लिए। प्रशासन को कुछ लोगों ने शिकायत की तो मंदिर के सेवक गरीबदास से चांदी के तीन सिक्के बरामद किए गए। इन पर किंग जॉर्ज की छवि अंकित है। ग्रामीणों के मुताबिक साधु, ट्रैक्टर चालक और ठेकेदार सेवाराम के पास कई सिक्के हैं।
सोने की मुहरों के लालच में गवां दिए लाखों के गहने
उधर, आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में ऑटो के इंतजार में खड़ी महिला और उनकी भतीजी को टप्पेबाजों ने ठग लिया। सड़क पर मिले सोने की मुहरों को बांटने का लालच देकर उनके गहने उतरवा ले गए। दोनों ने रुमाल खोलकर देखा तो पत्थर निकले। पुलिस ने घटना के 22 दिन बाद केस दर्ज किया है।
खंदौली थाना क्षेत्र के गांव शेरखां निवासी आस्था चौहान ने केस दर्ज कराया है। बताया कि 4 दिसंबर को वह अपनी मौसी मंजू के साथ उन्हें आंवलखेड़ा ले जा रही थीं। दोपहर करीब 12 बजे टेढ़ी बगिया चौराहे पर ऑटो का इंतजार कर रही थीं। इस दौरान एक युवक आया। वह बात करने लगा।
अचानक किसी ने रुमाल की बंधी पोटली गिरा दी। एक युवक ने उठाकर देखा तो बात कर रहे युवक ने पूछा कि क्या है। उसने सोने की मुहरें दिखाईं। हमसे मुखातिब होते हुए कहा कि हम सब बांट लेंगे। बहाने से ऑटो में बैठाकर ले गए।
रास्ते में बोले कि ऐसे हिस्सा नहीं हो पाएगा। उनके और उनकी मौसी के गहने उतरवा लिए। बाद में बोले मुहरें बहुत अधिक कीमत की हैं, तुम ये रख लो हमें गहने दे दो। वह तैयार हो गईं। बाद में रुमाल खोलकर देखा तो अंदर पथर के टुकड़े निकले।