मैनपुरी। दुधारू पशुओं की नस्ल को सुधारने और दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शासन ने गोकुल मिशन-2 की शुरुआत की है। इसके तहत जिले के पांच सौ गांवों का चयन किया गया है। आगामी एक वर्ष में 50 हजार गाय और भैंस का निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा।
सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के लिए खेती के साथ-साथ पशुुपालन पर भी जोर दिया जा रहा है। पशुपालन में नस्ल सुधार एक अहम मसला है। इसके सुधार के लिए पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान को प्राथमिकता दी जा रही हैं। किसानों को कृत्रिम गर्भाधान के प्रति जागरूक करने के लिए विगत वर्ष शासन ने गोकुल मिशन की शुरुआत की थी। इसके तहत सौ गांवों का चयन किया गया था। इस बार एक अगस्त से गोकुल मिशन-2 की शुरुआत की गई है। इसके तहत जिले के पांच सौ गांवों को चयनित किया गया है। इनमें कुल 50 हजार पशुओं का निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा। सभी पशु चिकित्सालय और डिस्पेंसरी पर ये सुविधा उपलब्ध रहेगी।
एक पशु का तीन बार करा सकेंगे कृत्रिम गर्भाधान
योजना के तहत चयनित गांवों के किसान अपने पशु का कृत्रिम गर्भाधान निशुल्क करा सकेगा। हालांकि इसमें शर्त है कि एक पशु को अधिकतम तीन बार ही निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान का लाभ मिल सकेगा। इसके बाद किसान को 30 रुपये की धनराशि चुकानी होगी।
गोकुल मिशन के तहत पांच सौ गांवों का चयन किया गया है। यहां 50 हजार पशुओं का निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान कराया जाएगा। किसान कृत्रिम गर्भाधान से पशुओं की नस्ल सुधार कर अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकेंगे।
डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा, सीवीओ।