गोकुल ग्राम योजना के तहत जिले में श्वेत क्रांति लाने की सरकार की योजना है। इसी के तहत जिले में 500 गोकुल गांव का चयन किया गया है। इन गांव में कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है। पशुओं को उत्तम किस्म का सीमन दिया जा रहा है। जिले में पचास हजार पशुओं को कृत्रिम गर्भाधान के लिए 10 माह का समय दिया गया, लेकिन जिले में पांच माह में 6710 पशुओं में ही कृत्रिम गर्भाधान हो पाया है।
जिले में छह लाख से ज्यादा गाय, भैंस, बकरी आदि पशु हैं, लेकिन उन्नत किस्त के दुधारू गाय व भैंस की कमी है। इसके चलते दुग्ध उत्पादन नहीं बढ़ पा रहा है। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा गोकुल ग्राम मिशन योजना शुरू की गई है। जिले में पांच सौ गांव में प्रत्येक गांव में सौ पशुुओं सहित पचास हजार पशुओं को उत्तम किस्स का सीमन लगा कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है।
गांव का कराया गया सर्वे
योजना का शुभारंभ होते ही जिले में पशु विभाग द्वारा सर्वे कराया गया। यहां पशुओं में प्रजनन की क्षमता अधिक हो इसी के तहत गांव का चयन किया गया। योजना के तहत पांच सौ गांव चयनित हुए। प्रत्येक गांव में 100 पशुओं को उन्नत किस्म का सीमन लगाने की बात कही गईं।