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खारकीव में फंसा गिर्राज लौटा भारत, परिजन ने ली राहत की सांस

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अपने साथियों के साथ पोलैंड पहुंचा छात्र शोभित माहेश्वरी मध्य में - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। यूक्रेन में फंसे जिले के छात्र-छात्राओं की खबर अब राहत देने वाली है। सभी छात्र संकट से बाहर आते जा रहे हैं। खारकीव में फंसा गिर्राज यादव देश वापस पहुंच चुका है। परिजन ने राहत की सांस ली है। दो दिन की मशक्कत के बाद शोभित माहेश्वरी पोलैंड में पहुंच चुका है। विशाल, दामिनी रोमानिया, शिवानी स्लोवाकिया, गर्विता हंगरी बॉर्डर पर पहुंच गईं हैं। शिवकुमार ट्रेन से हंगरी बॉर्डर पहुंचेगा। वह 32 घंटे से सफर कर रहा है।
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गंगागढ़ निवासी छोटे लाल का पुत्र खारकीव में फंसा हुआ था। वह तीन दिन पहले अपने रिस्क पर खारकीव से हंगरी बॉर्डर के लिए रवाना हुआ। क्योंकि खारकीव में रूस का हमला तेज था। हंगरी बॉर्डर पर गिर्राज मंगलवार को पहुंच गया था। जहां से हंगरी के बुडापेस्ट से उसने मंगलवार की रात को दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। दिल्ली में एयरपोर्ट पर गिर्राज व उसके अन्य साथियों का केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने स्वागत किया। परिवार के लोग भी दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गए थे। गिर्राज को दिल्ली से वापस कासगंज लाया जा रहा है। रात तक उसके वापस पहुंचने की संभावना है।
पिता छोटे लाल ने बताया कि गिर्राज के वापस आने से काफी राहत है। परिवार के लोग खुश हैं। वहीं कीव में फंसा छात्र शोभित माहेश्वरी भी अब पोलैंड में पहुंच गया है। वह दो दिन पहले पोलैंड बॉर्डर के लिए निकला था। बुधवार की सुबह उसे पोलैंड ले जाया गया। जहां उसे एक होटल में रखा गया है। शोभित 40 छात्राें के दल के साथ पोलैंड पहुंचा है। शोभित ने अमर उजाला को बताया कि अभी फ्लाइट कब मिलेगी यह नहीं बताया गया है, लेकिन अब पोलैंड पहुंचकर बड़ी राहत है।
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नगला वाले के शिक्षक मनोज कुमार का पुत्र विशाल भी रोमानिया पहुंच चुका है, लेकिन अभी वह कब भारत आएगा यह स्पष्ट नहीं हो सका है। उसे भी अभी तक एयर इंडिया का टिकट नहीं मिला है। वह प्रतिक्षारत है। विशाल के पिता मनोज कुमार ने बताया कि बेटा सुरक्षित रोमानिया पहुंच गया है। आवास विकास कॉलोनी निवासी छोटे लाल की पुत्री दामिनी शाक्य भी रोमानिया पहुंच गई है। अभी दामिनी को भी एयर टिकट नहीं मिला है। वह प्रतिक्षारत है। पिता ने बताया कि बच्चे सुरक्षित हैं। वहीं शिवानी भी टर्नेपिल से स्लोवाकिया पहुंच चुकी है। शिवानी भी अभी प्रतिक्षारत है।
पिता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि शिवानी स्लोवाकिया पहुंची है। एक दो दिन में वह भी भारत पहुंच जाएगी। विनीसिया में फंसी एमबीबीएस की छात्रा गर्विता माहेश्वरी भारतीय समय के अनुसार बुधवार की सुबह करीब साढ़े 6 बजे यूक्रे न से हंगरी सीमा में प्रवेश कर गई। गर्विता अन्य छात्र-छात्राओं के साथ है। उसे शरण शिविर में रखा है। पिता प्रियदर्शन माहेश्वरी ने बताया कि जल्द ही वह भारत लौटेगी। यूक्रेन के जापोरिज्जया में फंसा शिवकुमार भी हंगरी बॉर्डर पहुंचने वाला है। शिवकुमार पटियाली के कृष्णपाल का पुत्र है। पिता कृष्णपाल ने बताया कि पिछले 32 घंटे से वह लगातार ट्रेन से सफर कर रहा है। वह अब हंगरी बॉर्डर पहुंचेगा। उम्मीद है कि वह भी जल्द भारत पहुंचेगा।
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