एटा के थाना नयागांव क्षेत्र के गांव दादूपुर असगरपुर में एक छात्रा ने फंदे से लटककर जान दे दी। पिता ने बताया कि दादी ने मोबाइल चलाने से मना करते हुए थप्पड़ मार दिया तो वह नाराज हो गई और कमरे में जाकर दुपट्टे से फंदा लगा लिया।
गांव दादूपुर असगरपुर निवासी रामनिवास ने बताया कि बेटी चांदनी (15) कक्षा नौ की छात्रा थी। रविवार शाम को वह घर पर मोबाइल चला रही थी, तो उसकी दादी राजेश्वरी देवी ने फोन चलाने से मना किया। इससे वह नाराज हो गई और फोन को जमीन पर पटक दिया। कुछ समय बाद परिजन गांव में बने दूसरे मकान पर चले गए तो चांदनी ने कमरे में दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी। देर शाम जब सब लोग इस मकान पर पहुंचे तो एक कमरा बंद था और चांदनी कहीं दिखाई नहीं दे रही थी।
परिजनों ने बताया कि कमरे का दरवाजा खोलकर देखा तो बेटी फंदे से लटक रही थी। यह देखकर घर में चीखपुकार मच गई। चांदनी पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। सीओ अलीगंज सुधांशु शेखर ने बताया कि किसी प्रकार की कोई तहरीर नहीं मिली है। मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है।
कीपैड मोबाइल गेम खेलना बना काल
रामनिवास ने बताया कि हमारे घर में किसी के पास एंड्रॉयड या स्मार्टफोन नहीं है। सभी लोग कीपैड मोबाइल ही चलाते हैं। रविवार को बेटी चांदनी उसी मोबाइल पर गेम खेल रही थी। तो दादी ने कहा कि कभी तो मोबाइल रख दिया करो, बेटी नहीं मानी तो उसके थप्पड़ लगा दिया। इससे वह नाराज हो गई और यह आत्मघाती कदम उठा लिया। बताया कि मेरी तीन बेटियों और दो बेटों में चांदनी सबसे बड़ी थी।