फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जांबाज बिटिया: नहीं की जान की परवाह, बचाए यमुना में डूब रहे चार घरों के चिराग; घाट पर बेचती है पूजा का सामान

Wed, 18 Sep 2024 07:13 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

रानी घाट पर गणेश प्रतिमा विसर्जन के समय चार युवक नदीं में डूबने लगे। घाट पर पूजा सामान बेच रही युवती जान की परवाह किए बिना उनकी जान बचाई। लोग जांबाज बिटिया की हिम्मत की सराहना कर रहे हैं।
विज्ञापन
युवकों को बचाने वाली मोहिनी गोस्वामी - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ताजनगरी आगरा के बाह क्षेत्र में बटेश्वर के रानीघाट पर मंगलवार की शाम प्रतिमा विसर्जन करते समय चार युवक गहरे पानी में पहुंच गए। वह डूबने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों ने नदी में डूबते युवकों को देखा तो चीख पुकार मचाई। इस पर घाट पर पूजा सामग्री बेचने वाली युवती मोहिनी गोस्वामी बिना जान की परवाह किए नदी में कूद गई। 

विज्ञापन


युवती ने डूब रहे चारों युवकों को सहारा देकर बाहर निकाला। यमुना नदी से बाहर निकले फिरोजाबाद के आकाश और हिमालय समेत चारों युवक मौके से भाग गए। नदी में डूबने वाले चारों युवकों की जान बचाने वाली मोहिनी गोस्वामी को मंदिर प्रबंधक अजय भदौरिया, नत्थीलाल गोस्वामी, पुजारी राकेश वाजपेयी ने पुरस्कृत कर उसका हौसला बढ़ाया।
 

बताया गया कि मोहन की अनीता अपने मायके बटेश्वर के घाट पर पुष्प, बेलपत्र आदि पूजा सामग्री बेचती है। उसकी 18 साल की बेटी मोहिनी अपनी मां का हाथ बटाती है। मोहनी ने बताया कि बचपन से ही यमुना में अभ्यास करके तैराकी में माहिर हुई है। 
 

रानी घाट पर मंगलवार शाम 5 बजे के करीब वह घाट पर मौजूद थी। तभी फिरोजाबाद के आकाश, हिमालय समेत चार युवक यमुना नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन कर रहे थे। घाट पर मौजूद लोगों ने नदी में डूबते युवकों को देख कर चीख पुकार मचा दी। लेकिन, कोई उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। यह देख वह नदी में कूद गई। डूबते चारों युवकों को सहारा देकर बाहर निकाल लाई। 
 
विज्ञापन

यमुना नदी से बाहर निकले चारों युवक भीड़ जमा होने पर भाग निकले। नदी में डूबने वाले चारों युवकों की जान बचाने वाली मोहिनी गोस्वामी के साहस को देखने और उसके बारे में सुनने वाले उसकी सराहना कर रहे हैं। मंदिर प्रबंधक अजय भदौरिया, नत्थीलाल गोस्वामी, पुजारी राकेश वाजपेयी भी पीछे नहीं रहे। मोहिनी को पुरस्कृत कर उसका हौसला बढ़ाया। मोहिनी की सराहना सुनकर मां अनीता बोली कि उन्हें अपनी बेटी पर नाज है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें