सात घंटे तक इमरजेंसी के बाहर बैठे रहे परिजन
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में एक बार फिर लापरवाही सामने आई। यहां नौ साल की बच्ची को भर्ती करने से इंकार कर दिया। माता-पिता सात घंटे तक इमरजेंसी के बाहर इलाज की आस में बैठे रहे, लेकिन डॉक्टर नहीं पसीजे और बच्ची की मौत हो गई।
बाह क्षेत्र के खजुआपुरा निवासी रामवीर सिंह की बेटी अंजू (9 वर्ष) को महीनेभर पहले कुत्ता ने काट लिया था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं होने पर इसे इंजेक्शन नहीं लगाया जा सका। शुक्रवार को बच्ची की तबियत बिगड़ गई। सीएचसी लेकर गए तो वहां से उसे एसएन कॉलेज इमरजेंसी ले जाने को कह दिया गया।
दोपहर में करीब 12 बजे रामवीर बेटी को लेकर इमरजेंसी पहुंचे। यहां से उनको बाल रोग अनुभाग भेज दिया गया। आरोप है कि डॉक्टरों ने बच्ची को रैबीज बताया और कहा कि इसका इलाज यहां नहीं हो पाएगा, दिल्ली ले जाओ।