दुनिया में कदम रखते ही एक बिटिया को मरने के लिए भूसे में फेंक दिया गया। मां की गोद के लिए रो रही बेटी की आवाज सुनकर एक महिला आ गई। उसने न सिर्फ बेटी को दुलारा, बल्कि अस्पताल भी पहुंचा दिया। बाद में गोद लेने के लिए भी आतुर हो गई।
यह मामला है गांव महुआ खेड़ा का है। एक खेत में भूसे की कोठरी बनी थी। शनिवार सुबह गांव की रहने वाली रजनी भूसा लेने आई थी। तभी उसने बच्ची के रोने की आवाज सुनी। बच्ची खून से लथपथ थी।
इससे आशंका है कि उसे पैदा होने के कुछ देर बाद ही यहां लाकर फेंक दिया गया। रजनी ने अपने पति को बताया। इसके बाद अस्पताल ले गई। मगर, उसे भर्ती नहीं किया गया। सूचना पर पुलिस आ गई।