दो दिन पहले युवती ने ऐलान किया था कि उसे आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया है। इसकी सारी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन और मुख्य आरोपी की होगी। वह 18 अप्रैल को एसएसपी ऑफिस के बाहर आत्मदाह करेगी। थाने और अधिकारियों के कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र भेजकर जानकारी दी थी। इसके बाद भी पुलिस ने युवती के मामले में तत्परता नहीं दिखाई।
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में भेजी गई
सोमवार की सुबह 11:30 बजे युवती एसएसपी ऑफिस पहुंची। वह अपने हाथ में मिट्टी के तेल की बोतल लेकर आई थी। एसएसपी ऑफिस के बाहर आकर वो बोतल खोलने लगी। वहां खड़े एक सिपाही सहित अन्य पुलिसकर्मियों की नजर पड़ गई।
उन्होंने महिला से बोतल छीन ली। इसके बाद उसे ऑफिस में ले जाकर बात की। बाद में उसे महिला थाना भेजा गया। महिला पुलिसकर्मी उसे थाना हरीपर्वत लाईं। पुलिस ने युवती को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे मानसिक स्वास्थ्य संस्थान भेजा गया, जहां उसका मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
कोर्ट में हो चुके हैं बयान
थाना पुलिस ने बताया कि युवती के कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए थे। इसमें उसने एफआईआर में लिखी बात ही दोहराई थी। कहा था कि उसे युवक अलग-अलग नंबर से कॉल करता था। बाद में उसे अश्लील वीडियो भेजकर परेशान करने लगा। मुख्य आरोपी चंद्रभान फौज में है। विवेचना में पता चला कि युवती की आरोपी से रिश्ते की बात हुई थी। वीडियो कॉल भी करता था। कुछ दिन बाद कॉल बंद कर दिए।
पहले दी थी सूचना, नहीं चेती पुलिस
एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि युवती ने पहले बताया था कि आत्महत्या करेंगी। वह एसएसपी ऑफिस के सामने आई थीं। उन्हें पकड़ लिया गया। युवती ने छेड़छाड़ और षड्यंत्र की धारा में मुकदमा दर्ज करा रखा है। इसकी विवेचना चल रही है। कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। विवेचक को जल्द निस्तारण के लिए कहा है। आरोपी युवक से युवती की शादी की बात चल रही थी। मगर, शादी नहीं हो सकी।
पहले भी हो चुके हैं आत्मदाह के प्रयास
एसएसपी ऑफिस के बाहर पहले भी आत्मदाह के प्रयास की घटना हो चुकी हैं। सिकंदरा के प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पूरे परिवार ने खुद पर मिट्टी का तेल डाल लिया था। इसके अलावा लोग भी आत्मदाह का प्रयास कर चुके हैं।