पुलिस ने फर्नीचर और मूर्ति व्यापारी समेत पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरोह एटीएम पर आने वाले ग्राहकों को बातों में उलझाकर क्लोरोफार्म सुंघाकर बेहोश कर देता था और फिर डेबिट कार्ड बदलकर खाते से रकम निकाल लेता था।
गाजियाबाद के फर्नीचर और मूर्ति व्यापारी एटीएम में आने वाले ग्राहकों को बातों में उलझाकर बेहोश कर देते थे। डेबिट कार्ड बदलकर खाते से रकम निकाल लेते थे। पुलिस टीम ने दसवीं पास दो सरगना सहित पांच को पकड़ा है। उनके पास से अलग-अलग बैंकों के 52 डेबिट कार्ड बरामद किए हैं।
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एसीपी हरीपर्वत अक्षय संजय महाडिक ने बताया कि 5 अगस्त को रुनकता निवासी समीर भाभी के डेबिट कार्ड से रुपये निकालने के लिए सिकंदरा स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम गए थे। जब एटीएम से रुपये निकालने लगे, तो दो लोग आ गए। उन्होंने बातों में उलझाकर कुछ सुंघाकर बेहोश कर दिया। आरोपी डेबिट कार्ड बदलकर 20 हजार रुपये खाते से निकाल चुके थे। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में दो आरोपी स्कूटर से एटीएम के बाहर नजर आए।
स्कूटर की पहचान के आधार पर पांच आरोपियों को पकड़ लिया गया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी सोहिल और अमन मुख्य सरगना हैं। सोहिल का फर्नीचर और अमन का मूर्तियां बनाने का काम है। दोनों दसवीं तक पढ़े हैं। व्यापार से उनके खर्चे पूरे नहीं हो पाते हैं। इस कारण वारदात करते हैं। अपने पास क्लोरोफार्म रखते हैं। एटीएम आने वाले व्यक्ति को कपड़े में क्लोरोफार्म सुंघाकर बेहोश कर देते थे। उसके बाद डेबिट कार्ड बदल देते थे।
दूसरे राज्यों में की है वारदात
पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपियों ने दिल्ली एनसीआर में वारदात की है। इसके विषय में जांच जारी है। खालिद दूध, फराज की टैक्सी चलाने और हारुन कपड़ों पर प्रेस का काम करता है। वह कार से अलग-अलग जगह जाते थे। कम पढ़े लिखे लोगों को शिकार बना लेते थे।
इनकी हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने गाजियाबाद निवासी सोहिल, अमन, खालिद, हारून और फराज को गिरफ्तार किया है। उनसे 52 डेबिट कार्ड, दो तमंचे, चार कारतूस, 5930 रुपये, चार मोबाइल और एक कार बरामद की गई।