बदबूदार पानी के साथ मिट्टी आने से लोग परेशान
पिछले कुछ दिनों से शहर में जलापूर्ति बाधित चल रही थी। अब जलापूर्ति सुचारु हुई तो नई परेशानी खड़ी हो गई है। पिछले तीन दिन से शहर में पीले और बदबूदार पानी की सप्लाई हो रही है। गुरुवार से मिट्टी और आने लगी। इससे लोग परेशान हैं। जनता की शिकायतों के बावजूद जलकल विभाग पानी की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दे रहा है।
जीवनी मंडी वाटर वर्क्स से पोषित इलाकों में मंगलवार से दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। हालात यह हैं कि पानी का रंग पीला और हाथ में लेते ही बदबू आने लगती है। काला महल क्षेत्र के पार्षद रवि माथुर का कहना है कि गुरुवार से पानी में मिट्टी भी आने लगी है। इस संबंध में उन्होंने जलकल विभाग के अधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने कह दिया है कि गोकुल बैराज से गंगाजल की आपूर्ति प्रभावित हुई और यमुना नदी के पानी में प्रदूषण की मात्रा बढ़ गई है।
वहीं दूसरी ओर जलकल विभाग के सूत्रों का कहना है कि यमुना में प्रदूषण तो बढ़ा है लेकिन जलकल विभाग भी शोधन के नाम पर लापरवाही बरत रहा है। पानी में एलम और क्लोरीन की मात्रा जरूरत के मुताबिक नहीं मिलाई जा रही है। इसकी वजह से न तो पानी का कलर साफ हो रहा है और ना ही बदबू समाप्त हो रही है। कमला नगर निवासी चरण सिंह का कहना है कि इस पानी को पीना तो दूर नहाने और कपडे़े धोने के काम में भी नहीं लाया जा सकता है। उधर जलकल विभाग की जीएम मंजू रानी गुप्ता का कहना है कि जलापूर्ति बेहतर की गई है। यमुना में प्रदूषण का स्तर ज्यादा होने की वजह से परेशानी होती है।