कासगंज। स्कूली वाहनों के लिए परिवहन विभाग ने चेतावनी है कि स्कूल खुलने से पहले अपने वाहनों की फिटनेस करा लें। बिना फिटनेस के स्कूली वाहनों में बच्चों को नहीं ले जाया सकेगा। यदि बिना फिटनेस के वाहन में विद्यालय के बच्चे ले जाते मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। जनपद में 127 स्कूली वाहन हैं।
बिना फिटनेस के स्कूली वाहनों में हर समय नौनिहाल खतरे में रहते हैं। इतना ही नहीं स्कूल संचालक वाहनों में बैठने वाले बच्चों का विवरण तक अंकित नहीं करते। स्कूलों द्वारा बच्चों को लाने ले जाने के लिए जो वाहन प्रयोग किए जाते हैं, उनमें मानकों की पूरी तरह से अनदेखी रहती है। फिटनेस समाप्त हो जाने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता। स्कूल के वाहन के लिए जो भी मानक व नियम निर्धारित किए गए हैं, उन्हें पूरा नहीं किया जाता है। हादसे के समय बच्चों के ब्लड ग्रुप एवं परिवार के संबंध में जानकारी हो सके। इसको देखते हुए स्कूली वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए चेतावनी दी है कि अभी स्कूल बंद हैं। स्कूली वाहन स्वामी और विद्यालय संचालक अपने अधीन स्कूली वाहनों का फिटनेस समय रहते करा लें।
स्कूली वाहन के लिए ये हैं मानक:
- बस पर स्कूल का नाम, फोन नंबर लिखा होना चाहिए।
- स्कूल बस में छात्रों की सूची, नाम, पता, कक्षा, ब्लड ग्रुप और रूट नंबर लिखा होना चाहिए।
- बस में चालक के अलावा अनुभवी पुरुष या महिला सहायक तैनात होने चाहिए।
- बस चालक और सहायक निर्धारित ड्रेस में रहें।
- बस का रंग पीला होना चाहिए।
- सीटिंग क्षमता अनुसार प्रत्येक बस में अग्निशमन यंत्र होने चाहिए।
- बस की बॉडी स्टील की और पूरी तरह बंद हो।
- प्रेशर हॉर्न प्रतिबंधित है।
- शीशों के बाहर सेफ्टी ग्रिल अनिवार्य, ताकि बच्चे सर बाहर न निकाल सकें।
-वाहन में प्राथमिक उपचार के लिए किट की व्यवस्था होनी चाहिए
- वाहनों में जीपीएस लगा हो
स्कूल के वाहनों की चेकिंग समय-समय पर की जाती है। स्कूली वाहन को फिटनेस कराए जाने के लिए चेतावनी दी है। यदि फिटनेस न होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - रामप्रकाश मिश्र, एआरटीओ।