एसओ कुलदीप दीक्षित ने बताया कि जर्मनी की युवती मिली है। उसके वीजा की अवधि समाप्त हो गई थी। उसने वीजा अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन किया हुआ है। वह कई साल से साधु के साथ है। उन्हें अपना गुरु मानती है। युवती को दिल्ली स्थित दूतावास में भेज दिया गया है। उसने किसी तरह की परेशानी भी नहीं बताई।
19 अक्तूबर को खत्म हुई वीजा अवधि
एसओ कुलदीप दीक्षित ने बताया कि युवती ने अपना वीजा और पासपोर्ट दिखाया। वीजा 21 अक्तूबर 2019 से 19 अक्तूबर 2020 तक था। इसकी अवधि समाप्त हो चुकी है। बाबा कर्णनाथ से एक साल पहले नेपाल के काठमांडू में मिली थी। तब दोनों में बातचीत होने लगी। यहां पर बाबा ओमनाथ का स्थान है। युवती पांच साल से बाबा कर्णनाथ से दीक्षा लेने के बाद उन्हीं के साथ रह रही है। काठमांडू से दोनों पहले वाराणसी आए। इसके बाद हरियाणा गए। यहां से वापस वाराणसी चले गए। लॉकडाउन में वहीं पर रुक गए। आठ दिन पहले आगरा आए थे।
गांधी नगर के मंदिर में बिगड़ गई थी हालत
आगरा आने के बाद युवती और साधु गांधी नगर स्थित हंसना भैरव मंदिर में तीन दिन रुके थे। यहां पर युवती को फूड प्वाइजनिंग हो गई थी। इस पर चिकित्सक को दिखाया। पांच दिन पहले बाबा के साथ उनकी शिष्य आंवलखेड़ा निवासी अभय शर्मा के यहां पहुंची। अभय ने आंवलखेड़ा स्थित विक्रांत एकेडमी की छत पर बने कमरे में रुकवा दिया। अब वह काठमांडू जाना चाहती है। हालांकि पुलिस ने दूतावास भेजा है।