राधासुरभि गोशाला की संचालक सुदेवी दासी
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मथुरा की जिस नगरी में भगवान कृष्ण ने एक पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की। उसी गिरिराज तलहटी में एक विदेशी महिला ने खुद को कान्हा के चरणों में समर्पित कर दिया है। वे रक्षा करने में जुटी हैं गोवंश की। जर्मनी में अपना घरबार छोड़ दिन रात यहां गोवंश की सेवा को ही अपना उद्दे्श्य बना लिया है।
बता दें कि मथुरा में गोवर्धन के राधाकुंड से थोड़ी दूर पर एक गांव है कोन्हई। यहां राधासुरभि नाम की गोशाला में एक विदेशी महिला रोजाना बीमार गोवंश का पालन पोषण करती है। उनका यह काम कई सालों से जारी है।
राधासुरभि गोशाला की संचालक सुदेवी दासी की गोशाला में 1000 से अधिक बैल, बछड़े और वृद्ध गाय हैं। ये सभी गोवंश किसी न किसी बीमारी या दुर्घटना से जख्मी हुए हैं। यहां कोई गाय देख नहीं पाती तो किसी गाय से चला तक नहीं जाता। इन सब की सेवा सुदेवी दासी बिना किसी स्वार्थ के करती हैं।