कासगंज। उर्वरकों की कालाबाजारी, तस्करी और अनियमित बिक्री पर रोक लगाने के लिए अब पॉइंट ऑफ सेल पॉस मशीन में जियो फेंसिंग व्यवस्था लागू कर दी गई है। नई प्रणाली के तहत कोई भी उर्वरक विक्रेता निर्धारित सीमा से बाहर उर्वरक बेचने की कोशिश करेगा तो पॉस मशीन स्वतः बंद हो जाएगी।जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र ने बताया कि इस नई तकनीक से उर्वरकों का वितरण पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगा। जिले के सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं और सहकारी समितियों की दुकानों की लोकेशन पॉस मशीन में अपडेट कराई जा रही है। एल-1 पॉस मशीन में नये वर्जन 3.31 टीएमएस से उर्वरकों के वितरण का कार्य होगा। प्रत्येक विक्रेता के प्रतिष्ठान, गोदाम का अक्षांश, देशांतर पॉस मशीन में दर्ज किया जा रहा है। मशीन अब केवल तय सीमा के भीतर ही कार्य करेगी। जैसे ही वह डिजिटल सीमा के बाहर जाएगी, मशीन का नेटवर्क सर्वर से संपर्क टूट जाएगा और बिक्री स्वतः बंद हो जाएगी। शासन के निर्देश पर जियो फेंसिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है, इससे स्टॉक और बिक्री की वास्तविक लोकेशन का मिलान आसान होगा
नई व्यवस्था के बाद कोई भी उर्वरक विक्रेता स्टॉक को चोरी, छिपे दूसरी जगह ले जाकर वितरण नहीं कर पाएगा। पहले पॉस मशीन को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाकर गलत तरीके से बिक्री की शिकायतें आती थीं। जियो फेंसिंग से यह पूरी तरह बंद हो जाएगा। इसके अलावा उर्वरक वितरण की समय सीमा भी तय कर दी गई है। अब शाम 8 बजे तक ही बिक्री की अनुमति होगी।
यह होगा फायदा
-कालाबाजारी व अवैध परिसंचलन पर रोक लगेगी
-सरकारी समितियों व उर्वरक दुकानों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहेगा
-बुवाई के समय लंबी लाइनों और अफवाहों से छुटकारा मिलेगा
- किसान निर्धारित सीमा से अधिक उर्वरक नहीं खरीद सकेंगे
-पॉस मशीन में पहले खरीदी गई मात्रा भी दर्ज होगी।