ग्रीन गैस लिमिटेड के चीफ मैनेजर प्रोजेक्ट विनय भारद्वाज ने बताया कि चैंबर के पास नगर निगम के कर्मचारी कचरा डाल रहे हैं, इसमें किसी ने आग लगाने से पीएनजी की लाइन तक पहुंच गई। शाम को साढ़े सात बजे के बाद गैस की आपूर्ति शुरू कर दी थी। इस दौरान करीब पांच हजार घरों में आपूर्ति प्रभावित हुई। फोन नहीं उठाने और चैंबर पर ढक्कन न लगाने पर जांच की जा रही है।
नगर निगम भी नहीं उठाते हैं कचरा
क्षेत्रीय निवासी कीर्ति कुमारी ने कहा कि खाली प्लाट में कचरा पड़ा हुआ है। यहां पर नगर निगम के कर्मचारी कचरा फेंकते हैं। कई बार शिकायत भी की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। इसी कचरे में आग लगने से इससे पीएनजी की पाइप लाइन भी चपेट में आ गई।
घंटे भर बाद आए ग्रीन गैस के कर्मचारी
क्षेत्रीय निवासी रामेश्वर दयाल ने कहा कि डेढ़ बजे के करीब पीएनजी की लाइन है, इसमें तेज धमाका हुआ। आवाज सुनकर बाहर आए तो तेज लपटें निकल रहीं थी। घंटे भर बाद ग्रीन गैस लिमिटेड के अधिकारी निरीक्षण करने आए।
क्षेत्रीय निवासी मालती सिंह ने कहा कि ग्रीन गैस के कर्मचारियों की भी लापरवाही है। चैंबर को खुला छोड़ दिया था। नगर निगम यहां से कचरा नहीं उठाती। इस कारण कचरे से आग पीएनजी तक पहुंच गई। लोगों को भी दिक्कत हुई।