बोदला स्थित दरगाह नबी शाह निवासी 22 वर्षीय लोकेश गैस के गुब्बारे बेचने का काम करता है। बृहस्पतिवार दोपहर सवा तीन बजे मारुति एस्टेट चौराहे की ओर जा रहा था। चाैराहे से 100 मीटर पहले ही धमाके से सिलिंडर फट गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि मोपेड चला रहा लोकेश हवा में कई फीट तक उछला। सिलिंडर के टुकड़े कई मीटर दूर तक जाकर गिरे। लोग दहशत में आ गए। जिस जगह पर सिलिंडर फटा, वहां पर विशाल का चाय का खोखा है। वहां खड़े 10-12 लोग भाग गए।
लोकेश के दाहिने पैर में चोट लगी। सूचना पर थाना जगदीशपुरा पुलिस पहुंची और घायल को एसएन मेडिकल काॅलेज लेकर गई। एसीपी लोहामंडी गाैरव सिंह ने बताया कि लोकेश की हालत खतरे से बाहर है। आशंका है कि गैस के अत्यधिक दबाव की वजह से सिलिंडर फट गया हो। घटना के बाद कई गुब्बारा विक्रेता भी आ गए। उनका कहना था कि सिलिंडर में हीलियम गैस भरी थी।घायल तड़पता रहा, लोग बनाते रहे वीडियो
सस्ती के चक्कर में हाइड्रोजन गैस का प्रयोग
डेढ़ साल पहले दयालबाग में घटना हुई थी। कई लोग घायल हो गए थे। आगरा काॅलेज के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डाॅ. अमित अग्रवाल ने बताया कि गुब्बारों में पहले हाइड्रोजन गैस भरी जाती थी। यह हवा से हल्की और सस्ती होती है। मगर ज्वलनशील होने के कारण हाइड्रोजन गैस का प्रयोग बंद कर दिया गया। इसकी जगह हीलियम गैस का प्रयोग किया जाने लगा। यह सुरक्षित होती है। इसमें आग नहीं लगती है। यह भी हवा से हल्की है। धमाका अधिक दबाव के कारण किसी भी गैस से हो सकता है। कई बार विक्रेता हाइड्रोजन गैस का प्रयोग कर लेते हैं।
एक दुकान के शीशे टूटे, दूसरे का प्लास्टर झड़ा