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Agra News: गुब्बारे में गैस भरने वाला सिलिंडर फटा, कई फीट उछलकर गिरा युवक; धमाके से दहशत में आए लोग

Thu, 29 Jan 2026 05:12 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा गुब्बारे में गैस भरने वाला सिलिंडर फट गया। इससे गुब्बारा बेच रहे युवक का एक पैर गंभीर रूप से घायल हो गया। धमाके से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। 
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धमाके से क्षतिग्रस्त हुआ वाहन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के थाना जगदीशपुरा के मारुति एस्टेट चाैराहे के पास बृहस्पतिवार दोपहर हीलियम गैस से भरा सिलिंडर तेज धमाके से फट गया। सिलिंडर को मोपेड पर रखकर गुब्बारा विक्रेता ले जा रहा था। वह कई फीट उछलकर गिरा, एक पैर क्षत-विक्षत हो गया। पास की दुकान के शीशे टूट गए जबकि दूसरी का प्लास्टर गिरा। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

बोदला स्थित दरगाह नबी शाह निवासी 22 वर्षीय लोकेश गैस के गुब्बारे बेचने का काम करता है। बृहस्पतिवार दोपहर सवा तीन बजे मारुति एस्टेट चौराहे की ओर जा रहा था। चाैराहे से 100 मीटर पहले ही धमाके से सिलिंडर फट गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि मोपेड चला रहा लोकेश हवा में कई फीट तक उछला। सिलिंडर के टुकड़े कई मीटर दूर तक जाकर गिरे। लोग दहशत में आ गए। जिस जगह पर सिलिंडर फटा, वहां पर विशाल का चाय का खोखा है। वहां खड़े 10-12 लोग भाग गए।

लोकेश के दाहिने पैर में चोट लगी। सूचना पर थाना जगदीशपुरा पुलिस पहुंची और घायल को एसएन मेडिकल काॅलेज लेकर गई। एसीपी लोहामंडी गाैरव सिंह ने बताया कि लोकेश की हालत खतरे से बाहर है। आशंका है कि गैस के अत्यधिक दबाव की वजह से सिलिंडर फट गया हो। घटना के बाद कई गुब्बारा विक्रेता भी आ गए। उनका कहना था कि सिलिंडर में हीलियम गैस भरी थी।

घायल तड़पता रहा, लोग बनाते रहे वीडियो

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घायल सड़क पर पड़ा हुआ था। मगर उसे कोई अस्पताल नहीं पहुंचा रहा था। वह दर्द से तड़प रहा था। कई लोगों ने वीडियो भी बनाए। बाद में पुलिस आई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिस और एंबुलेंस आधा घंटे बाद पहुंची थी। इससे घायल को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई। हालांकि पुलिस का कहना है कि घटना के 10 मिनट बाद ही पुलिस पहुंच गई थी।

सस्ती के चक्कर में हाइड्रोजन गैस का प्रयोग
डेढ़ साल पहले दयालबाग में घटना हुई थी। कई लोग घायल हो गए थे। आगरा काॅलेज के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डाॅ. अमित अग्रवाल ने बताया कि गुब्बारों में पहले हाइड्रोजन गैस भरी जाती थी। यह हवा से हल्की और सस्ती होती है। मगर ज्वलनशील होने के कारण हाइड्रोजन गैस का प्रयोग बंद कर दिया गया। इसकी जगह हीलियम गैस का प्रयोग किया जाने लगा। यह सुरक्षित होती है। इसमें आग नहीं लगती है। यह भी हवा से हल्की है। धमाका अधिक दबाव के कारण किसी भी गैस से हो सकता है। कई बार विक्रेता हाइड्रोजन गैस का प्रयोग कर लेते हैं।

एक दुकान के शीशे टूटे, दूसरे का प्लास्टर झड़ा

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जिस जगह पर सिलिंडर फटने की घटना हुई, वहां पर संजय वासवानी की आप्टिकल की दुकान है। उन्होंने बताया कि अचानक धमाके से उनकी दुकान के आगे लगा शीशा टूट गया। वहीं पड़ोस में मोबाइल की दुकान का प्लास्टर झड़ गया। आवाज सुनकर सभी घबरा गए। बाहर की तरफ आए तो हादसे का पता चला। प्रत्यक्षदर्शी विकास कुमार ने बताया कि धमाके के बाद काफी देर तक आसपास के लोग घायल को उठाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। बाद में सिलिंडर के टुकड़े देखने के बाद करीब गए।

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