आगरा में दर्दनाक हादसा हो गया। थाना इरादतनगर के गांव डाडकी में गैस सिलेंडर फटने से 5 लोगों की मौत हो गई है। हादसे में 10 लोग घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए आगरा भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक डांडकी गांव के हिम्मत सिंह के यहां रसोईघर में खाना बन रहा था। इसी दौरान सिलेंडर से गैस लीक होने लगी। परिवार के लोग जब तक कुछ समझ पाते, सिलेंडर ने आग पकड़ ली।
सिलेंडर से लपटें उठते देख परिवार में चीखपुकार मच गई। शोरशराबा सुनाकर पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सिलेंडर में लगी आग को बुझाने की कोशिश की शुरू कर दी।
आग बुझाने की कोशिश के दौरान सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया। इससे मकान का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया। सिलेंडर फटने से पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। 10 गंभीर रूप से झुलस गए।
मकान का एक हिस्सा ध्वस्त होने से मलबे की चपेट में आकर कुछ लोग चोटिल भी हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।
सीओ अछनेरा नम्रता श्रीवास्तव और क्षेत्रीय विधायक महेश गोयल भी गांव में पहुंचे। सभी घायलों को रात करीब दस बजे एसएन इमरजेंसी में लाया गया।
खौफनाक था मंजर
हादसे के शिकार हुए लोग
- फोटो : अमर उजाला
धमाके के बाद बड़ा ही खौफनाक मंजर था। हिम्मत सिंह के भतीजे नीरज ने बताया कि रसोई में ही तीन शव पड़े थे, घर में इधर उधर लोग घायल पड़े तड़प रहे थे। बहुत बुरा हादसा हुआ, सब कुछ उजड़ गया।
डाडकी हादसे की पुलिस ने जांच कर रही है। फिलहाल तीन बड़ी वजह मानी जा रही हैं। एक तो गैस का पाइप पुराना होने पर इसे बदला नहीं गया। ऐसे पाइप से हादसे का खतरा ज्यादा रहता है।
दूसरा, जब लीकेज हो गया तो तुरंत ही गैस को सिलेंडर के पास से बंद करना था। यह नहीं किया गया। अगर बंद कर दिया गया होता तो गैस का फैलना बंद हो जाता। अगर आग लगती तो उसका दायरा सीमित होता।
आग बुझाने रसाई में घुसे लोग
तीसरी गलती यह हुई कि आग बुझाने के लिए इतने लोग रसोई में घुस गए। ऐसे में आग से दूर जाना था। फोन दमकल को करना था। इसी गलती से इतने लोगों की जान गई।
अगर रसोई खाली होती, लोग दूर होते, तो शायद इतने लोग न मरते। एसपी वेस्ट अखिलेश नारायण का कहना है कि हादसे की जांच की जा रही है। फिलहाल पहली प्राथमिकता घायलों का उपचार कराने की है।
उधर, खेरागढ़ के विधायक महेश गोयल का कहना था कि घायलों की मदद की जाएगी। मृतकों के आश्रितों को आर्थिक मदद दिलाने का भी प्रयास किया जाएगा।