प्रदर्शन करते गरीब सेना के कार्यकर्ता
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आगरा में लॉकडाउन अवधि का बिजली बिल माफी की मांग को लेकर संस्था गरीब सेना के कार्यकर्ताओं ने सोमवार सुबह कोठी मीना बाजार में प्रदर्शन किया। इससे पहले पुलिस ने संस्था के अध्यक्ष बालयोगी लव पंडित को सुबह ही हिरासत में ले लिया था। उन्हें छु़ड़ाने के लिए पहुंचे कार्यकर्ताओं को लाठी फटकार कर खदेड़ा। बालयोगी को 20 लाख के मुचलके में पाबंद किया है।
बाबा बाल योगी ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से सोमवार को कोठी मीना बाजार मैदान में जुटकर प्रदर्शन करने की अपील थी। यह प्रदर्शन टोरंट पावर के खिलाफ बिजली बिल माफ करने के लिए किया जाना था, लेकिन पुलिस ने रविवार रात से ही बाबा की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
सोमवार सुबह से पचकुइंया स्थित पंचभैरो मंदिर परिसर में ही नजरबंद कर दिया गया। लोग पहले कोठी मीना बाजार पहुंचे। जब पता चला कि बाबा मंदिर में हैं तो वहां पहुंच गए। जब हंगामा होने लगा तो पुलिस ने लाठी फटकारकर उन्हें खदेड़ दिया। इसके बाद शाम को बालयोगी को भी छोड़ दिया गया।
तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है : बालयोगी
बालयोगी ने बताया कि लॉकडाउन अवधि का बिजली माफ किया जाए। इसके लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर बिल माफ नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उसमें उप्र पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और टोरंट को पार्टी बनाया है। टोरंट के बिलों में गड़बड़ी है।
कांग्रेस ने की बालयोगी को नजरबंद करने की निंदा
बालयोगी की पुलिस-प्रशासन द्वारा गिरफ्तारी की कांग्रेस ने निंदा की है। कांग्रेस के शहर अध्यक्ष देवेंद्र कुमार चिल्लू ने कहा कि शासन-प्रशासन को जनता की चिंता नहीं है, बल्कि बिजली बिल के नाम पर जनता को लूटने वाली टोरंट की मदद की जा रही है। पार्टी ने टोरंट के खिलाफ लॉकडाउन की अवधि का तीन माह का बिजली बिल माफ करने को आंदोलन किया था।
कोरोना संक्रमण के चलते आंदोलन स्थगित किया गया है। टोरंट गरीब जनता को मैसेज कर कनेक्शन काटने की धमकी दे रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निंदा करने वालों में राम टंडन, अशोक शर्मा, नंदलाल भारती, आइडी श्रीवास्तव, कपूरचंद रावत, विनोद जरारी, अनुज शर्मा आदि शामिल हैं।
शासन की गाइडलाइन का पालन किया टोरंट
टोरंट पावर के जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र सिंह का कहना है कि कंपनी सरकार की गाइडलाइन का पालन कर रही है। बिलों में कोई गड़बड़ी नहीं है। बिल के संबंध में सरकार की जो भी गाइडलाइन आएगी, उसका पालन होगा।