साइबर अपराधियों पर पुलिस शिकंजा कसने जा रही है। लोगों से ठगी के मामले में जेल भेजे गए चार गैंग के तकरीबन 30 सरगना और मुख्य सहयोगियों का गैंग चार्ट तैयार कर लिया गया है। अब उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फाइल बनाकर प्रशासन को भेजी जाएगी।
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साइबर क्राइम के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस ने पांच महीने में चार बड़े साइबर अपराधियों के गैंग को पकड़ा है। इनमें लोगों से कभी नौकरी तो कभी लकी ड्रा के नाम पर ठगी करने वाले हैं तो कभी लाइक-क्लिक और कभी माल इधर से उधर भेजने के नाम पर रकम जमा करने वाले अपराधी हैं।
इनके खिलाफ थाना सिकंदरा, जैतपुर, सदर और ताजगंज में मुकदमे दर्ज हैं। चारों गैंग का गैंग चार्ट बना लिया गया है। अब गैंगों के सरगना और मुख्य सहयोगियों पर गैंगस्टर लगाया जाएगा। ऐसा पहली बार है जब लोगों से ठगी करने वालों पर गैंगस्टर लगाया जा रहा है।
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बीहड़ से चलता है हैलो गैंग
पिनाहट, बाह और जैतपुर के बीहड़ में संचालित हैलो गैंग ने कई राज्यों के लोगों से ठगी है। कभी नौकरी के नाम पर तो कभी लकी ड्रॉ के नाम पर लोगों को ठगा है। पिछले दिनों पुलिस ने गैंग पकड़ा भी था।
साइबर सेल ने हाल में कई गैंग पकड़े हैं। इनमें गैंग के सरगना सहित कई सहयोगी शामिल हैं। जिन गैंग पर कई मुकदमे दर्ज हैं, उनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जा रही है। बोत्रे रोहन प्रमोद, एसपी सिटी
सोशल साइट पर विज्ञापन देकर ठगी
सोशल साइट पर पार्ट टाइम नौकरी का विज्ञापन देकर ठगी करने वाला गैंग पकड़ा गया था। गैंग के सदस्य कॉल करने वाले को अच्छी नौकरी प्रलोभन देते थे। इसके बाद रकम जमा कराते थे। गैंग के 13 सदस्यों में सचिन परिहार, मनीष ओझा, विपिन कुमार, रंजीत वर्मा, अतुल राठौर, दिव्यांशु राठौर, मोहम्मद शाहरूख, प्रशांत गहलौत, अनिल कुमार, युवराज कुमार, मनोज सोलंकी, रवि, विनय कुमार वर्मा हैं।
ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम पर लिए लाखों
ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट, माल भाड़ा, मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के छह सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गैंग जस्ट डायल, ओएलएक्स, ई ट्रक आदि एप पर अपना रजिस्ट्रेशन कराते थे।
लोगों को आधे से कम भाड़ा बताकर एडवांस के रूप में रकम खातों में जमा कराकर सिम बंद कर लेते थे। गैंग जैतपुर के बीहड़ से संचालित किया जा रहा था। गैंग के सरगना आदेश सिंह, हरेंद्र, रिषभ, प्रेम सिंह, मुनेंद्र, सचिन सोलंकी, दुर्गेश कुमार, गौरव कुमार और दिलीप कुमार पकड़े गए थे।
पब्लिक सेक्टर यूनिट में नौकरी का देते थे झांसा
फेसबुक पर पब्लिक सेक्टर यूनिट में सरकारी नौकरी दिलाने का विज्ञापन देकर उत्तर प्रदेश सहित 10 राज्यों के बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले गैंग को पुलिस ने चार महीने पहले पकड़ा था। आरोपियों में मुकेश, बालकिशन, नोयल जींस और उसकी पत्नी मधु उर्फ जैशमिन थे।
क्लिक और लाइक के नाम पर ठगे करोड़ों
गाजियाबाद की पे बे आईटी सॉल्यूशन कंपनी के डायरेक्टरों ने लोगों से करोड़ों की ठगी की थी। लाइक और क्लिक के नाम पर पैसा देने का झांसा देकर यूजर आईडी के लिए लोगों से रकम ली थी। इस मामले में डायरेक्टर सहित सात आरोपी जेल भेजे गए हैं।
इनमें कारपोरेशन बैंक का कर्मचारी गुरजांट सिंह, मैनेजर रोहित रत्ता, कंपनी का सीए राहुल रत्ता, डायरेक्टर वरुण कुमार गुप्ता, अमन शर्मा, मुख्य सहयोगी अमित सक्सेना और विनय सक्सेना को गिरफ्तार किया था।