आगरा में 130 साल पुरानी पाइप लाइन में रोज लगभग 12 लीकेज हो रहे हैं जिस कारण दस हजार लोगों को गंगाजल नहीं मिल पा रहा है। पिछले नौ महीने में 21 दिन तो ऐसे रहे जब आधे शहर को गंगाजल नहीं मिला, क्योंकि लीकेज बड़े थे और मरम्मत के कारण आपूर्ति बंद रखी गई। अब मेयर से लेकर जल निगम के अफसर तक कह रहे हैं कि जर्जर हो चुकी लाइन को बदला जाए, लेकिन यह काम हो नहीं हो रहा।
शहर में हर दूसरे दिन पानी के लिए प्रदर्शन हो रहा है। ऐसे में अमर उजाला टीम ने इसकी वजह जानने की कोशिश की। जलकल से रिकॉर्ड मिला कि एक जनवरी से 22 सितंबर तक 3248 लीकेज ठीक किए गए। इसका औसत निकाला जाए तो रोज 12 है। ये छोटे और बड़े दोनों तरह के लीकेज हैं।
जल निगम का रिकॉर्ड देखा गया तो पता चला कि इन नौ महीनों में 21 दिन आधे शहर की आपूर्ति पेयजल लाइनों की मरम्मत के लिए बंद रखी गई। इन दिनों में रोज एक से दो लाख लोगों को परेशानी हुई। छोटे लीकेज से दो से दस हजार तक लोग रोज परेशान होते हैं। एक महीने में कम से कम तीन लाख लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। इसका औसत दस हजार है।
पाइप लाइन लीकेज के कारण फैलता पानी
- फोटो : अमर उजाला
17 दिन बिना बताए बंद की पेयजल आपूर्ति
जनवरी से लेकर अब तक 21 दिन आधे शहर में पानी की सप्लाई नहीं हुई, लेकिन इनमें से केवल 4 दिन ही ऐसे रहे, जब लोगों को 2 दिन पहले बता दिया गया कि लीक लाइन की मरम्मत की जाएगी। पानी भरकर रख लें। बाकी 17 दिन जलकल और जल निगम ने बिना बताए मरम्मत शुरू की लेकिन 2 से 4 दिन का समय मरम्मत के नाम पर लगा लिया गया। लोगों को बिना बताए 4 दिन तक परेशान किया गया।
इन लीकेज के कारण नहीं मिला पानी
- आस्था सिटी के पीछे 700 एमएम की लाइन में लीकेज के कारण 2 दिन पानी नहीं मिला
- जीवनी मंडी गेट के सामने 28 इंच की लाइन के कारण 4 दिन तक लोग पानी को तरसे
- आगरा किला के सामने स्मार्ट सिटी ने पाइप लाइन तोड़ी, दो दिन बाद मिला पानी
- नेहरू नगर में स्मार्ट सिटी ने 2 जगह पाइपलाइन तोड़ी, 2 दिन के बाद सप्लाई हुई शुरू
- जवाहर पुल पर 750 मिमी की पाइपलाइन बदलने के काम में 2 दिन का लग गया समय
- जन्माष्टमी पर गंगा नहर से पानी ना मिलने के कारण जीवनी मंडी तक पानी नहीं मिला
- शाहगंज में इनलेट और आउटलेट कनेक्शन के लिए दो दिन सप्लाई बंद रही
- छीपीटोला मेन रोड पर पाइपलाइन लीकेज के काम में है एक दिन हुई परेशानी
पूरी तरह जर्जर है पाइप लाइन
आगरा में पानी की लाइनें 130 साल पुरानी है जो पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। पाइप लाइन में लीकेज की मरम्मत के दौरान जो और समस्याएं नजर आती हैं। उन्हें भी हम ठीक कर देते हैं। असल में यह पुरानी लाइनें बदलने की जरूरत है। यह लाइनें पानी की सप्लाई के लिए ज्यादा दिन काम नहीं आएंगी। - आरएस यादव, महाप्रबंधक, जलकल
जलकल और जल निगम के साथ समन्वय का प्रयास
जलकल और जल निगम के साथ मैं ऐसा समन्वय बनाने का प्रयास कर रहा हूं कि जिस दिन बड़ी पाइपलाइन की मरम्मत के लिए शटडाउन लिया जाए, उसी दिन उस से जुड़े सभी लीकेज ठीक किए जाएं। जिससे बार-बार सप्लाई रोकने और लोगों को परेशान होने की जरूरत ना पड़े। - नवीन जैन, मेयर