सिंचाई विभाग के अफसरों ने 17 से लेकर 24 फरवरी तक 500 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ने का फैसला किया है। 24 फरवरी के बाद अगले तीन दिनों तक यमुना में रास्ते में चलने वाला गंगाजल भी मथुरा में लोगों को मिलेगा। इससे यमुना में एक सप्ताह तक साफ पानी मिल सकेगा।
बोले यमुना भक्त-ऐसे ही आते रहें वीवीआईपी, तो यमुना में मिलता रहे साफ पानी
अमेरिकी राष्ट्रपति के आगरा आगमन को लेकर मथुरा में यमुना में मिलने जा रहे साफ पानी को लेकर यमुना भक्तों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। यमुनापार निवासी राजकुमार का कहना है कि यमुना के नाम पर करोड़ों के वारे न्यारे हो रहे हैं, लेकिन यमुना और गंदी हो रही है। कुछ नहीं तो वीवीआईपी के सहारे ही कुछ दिन लोगों को साफ पानी मिल जाएगा। गांव रावल निवासी योगेश कहते हैं कि साफ पानी आने से यमुना में उगाई जाने वाली पालेज के लिए साफ पानी मिल सकेगा, इससे फसल को बेहतर पोषण मिल सकेगा। गांव औरंगाबाद निवासी गुलाब का कहना है कि यमुना में साफ पानी आने से श्रद्धालु आचमन कर सकेंगे।
यमुना किनारे बने गंदे पानी की पाइप लाइन
विश्वधर्म रक्षक दल के विजय चतुर्वेदी का कहना है कि यमुना में गंदगी रोकने और गंदे नालों को गिरने से बचाने के लिए यमुना किनारे पाइप लाइन बिछाई जानी चाहिए और जगह-जगह ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर पानी को पीने योग्य बनाना चाहिए। अमित चतुर्वेदी का कहना है कि यमुना में गंदगी पसरी पड़ी है। इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। जिला प्रशासन को यमुना में गिरने वाली गंदगी रोकने को ठोक कदम उठाने चाहिए।