साल 2020 की पहली सौगात मकर संक्रांति पर आगरा के पांच लाख लोगों को मिलने जा रही है। जीवनी मंडी वॉटरवर्क्स पर मकर संक्रांति तक गंगाजल पहुंचने लगेगा, जो आधे शहर में आपूर्ति किया जाएगा।
पहले एक जनवरी से जीवनी मंडी वॉटरवर्क्स को पाइप लाइन के जरिए 200 एमएलडी गंगाजल दिए जाने का दावा किया गया था, लेकिन 30 इंच पाइप लाइन फट जाने और पारा शून्य तक पहुंच जाने के कारण काम में यह देरी हुई है।
जल निगम की गंगाजल इकाई ने एक जनवरी से जीवनी मंडी वॉटरवर्क्स तक गंगाजल पहुंचाने के दावे किये थे, जिसमें प्रोजेक्ट मैनेजर आरके पंकज फेल साबित हुए हैं।
उन्होंने 31 दिसंबर तक सर्विस लेन बंद करने के लिए ट्रैफिक पुलिस से अनुमति ली थी, लेकिन गंगाजल पाइप लाइन जोड़ने का काम अभी दस से 12 दिन तक और चल सकता है। जल निगम के अधिकारी अब मकर संक्रांति पर गंगाजल की आपूर्ति करने का दावा कर रहे हैं।
मधु नगर, नुनिहाई टंकी तक भी पहुंचेगा पानी
मधु नगर और नुनिहाई में 18 साल पहले जल निगम ने पानी की टंकियों का निर्माण किया था, जिनमें 2002 से लेकर अब तक एक भी दिन पानी की आपूर्ति नहीं की गई।
जल निगम इन टंकियों को जलकल विभाग के हैंड ओवर करने की कवायद कर रहा है, लेकिन जलकल विभाग ने इनकार कर दिया। अब जब जीवनी मंडी वॉटरवर्क्स से इन टंकियों को पानी पहुंचेगा, तब इनके बारे में पता चलेगा कि टंकियां पानी पहुंचा पाएंगी या नहीं।
10 दिन में गंगाजल पहुंचाने का वादा
महापौर नवीन जैन ने बताया कि जल निगम के अधिकारियों ने जीवनी मंडी वॉटरवर्क्स तक गंगाजल 10 दिनों में पहुंचाने का वादा किया है। उम्मीद है कि मकर संक्रांति पर जीवनी मंडी वाटर वर्क्स से गंगाजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। पाइप जोड़ने के साथ मोटरें बदलने के काम को भी तेजी से करने के लिए कहा है।
पंपिंग स्टेशनों की मोटर बदलने के निर्देश
महापौर ने जल निगम के अधिकारियों से कहा है कि पांच पंपिंग स्टेशनों में लगी पुरानी मोटरों को बदलकर नया लगाया जाए ताकि वह पूरी क्षमता से गंगाजल भेज सकें। पंपिंग स्टेशनों में 20 साल से ज्यादा पुरानी 25 मोटरें लगी हैं, जिनकी कार्य क्षमता कम है।
यहां 200 एमएलडी पानी आएगा, लेकिन पंपिंग स्टेशनों की मोटर क्षमता 100 एमएलडी की है। ऐसे में गंगाजल बर्बाद न हो, इसके लिए नई मशीनों को लगाने के लिए कहा गया है।